आईपीएल ने कई विदेशी खिलाड़ियों के करियर को भी संजीवनी दी

दुनियाभर में चलने वाली क्रिकेट लीग में आईपीएल को अगर सिरमौर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) आज पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी है और दुनिया के अधिकतर खिलाड़ी इस लीग का हिस्सा बनना चाहते हैं। इस लीग की प्रसद्धि का कारण जहां टीमों की जबरदस्त प्रतिद्वंदिता है, वहीं क्रिकेट के टॉप खिलाड़ियों का इस लीग में खेलना इसे ऊंचा दर्जा देता है। भारतीय क्रिकेट के लिए भी आईपीएल काफी फायदेमंद रहा है और इसने कई युवा खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर चमकने का मौका दिया है। कई देशी खिलाड़ियों के साथ-साथ आईपीएल कई विदेशी खिलाड़ियों के करियर को भी आईपीएल ने संजीवनी दी है। जिससे इन खिलाड़ियों का क्रिकेट करियर ना सिर्फ बचा बल्कि नई ऊंचाइयों पर भी पहुंच गया।  ऐसे ही 5 खिलाड़ि , जिनका आईपीएल में खेलना उनके करियर में बड़ा बदलाव लेकर आया।

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1. ड्वेन स्मिथ

वेस्टइंडीज का यह बल्लेबाज अपनी राष्ट्रीय टीम से अंदर-बाहर होता रहा है, लेकिन आईपीएल में इस खिलाड़ी का प्रदर्शन कमाल का रहा है। साल 2013 के आईपीएल सीजन में ड्वेन स्मिथ ने मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए 13 मैचों में 413 रन बनाए थे। इस दौरान स्मिथ का स्ट्राइक रेट 122.58 का रहा था। खास बात ये रही कि इस साल मुंबई इंडियंस आईपीएल विजेता बनी और इसमें स्मिथ का बड़ा योगदान था। इसके अगले सीजन में स्मिथ चेन्नई की तरफ से खेले और एक बार फिर से शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 मैचों में 566 रन ठोक दिए। आईपीएल में किए गए इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत ही स्मिथ की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई। साथ ही अन्य क्रिकेट लीग की टीमों ने भी स्मिथ को अपने साथ जोड़ने में दिलचस्पी दिखाई।

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2. सोहेल तनवीर

आईपीएल के पहले सीजन में यह पाकिस्तानी खिलाड़ी राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेला। टूर्नामेंट में अंडरडॉग के तौर पर खेल रही राजस्थान की टीम ने आईपीएल खिताब जीतकर सभी को चौंका दिया। टीम की इस जीत में सोहेल तनवीर का अहम योगदान रहा। तनवीर को टूर्नामेंट में की गई उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए लीग का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज भी चुना गया था। तनवीर का टी20 क्रिकेट में बेस्ट बॉलिंग फिगर 14 रन देकर 6 विकेट है और वह उन्होंने आईपीएल में ही चेन्नई के खिलाफ मैच में हासिल किया था। आईपीएल के शानदार प्रदर्शन की बदौलत तनवीर को कई क्रिकेट लीग में खेलने का मौका मिला और साथ ही पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में भी उन्हें शामिल किया गया।

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3. लेंडल सिमंस

वेस्टइंडीज के लेंडल सिमंस भी आईपीएल में किए गए उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ही जाने जाते हैं। साल 2014 के आईपीएल में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए सिमंस ने 8 मैचों में 56.28 के औसत से 394 रन बनाए थे। इस दौरान एक शतक भी सिमंस के नाम है। 2015 के सीजन में भी लेंडल सिमंस का प्रदर्शन बेहतरीन रहा और उन्होंने 13 मैचों में 540 रन बनाए। आईपीएल के शानदार प्रदर्शन का इनाम सिमंस को राष्ट्रीय टीम में जगह पाकर मिला।

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4. डेविड मिलर

दक्षिण अफ्रीकी डेविड मिलर ने साल 2010 में राष्ट्रीय टीम में डेब्यू कर लिया था, लेकिन उन्हें असली पहचान दिलायी आईपीएल ने। 2011 के आईपीएल सीजन में मिलर को किंग्स इलेवन पंजाब की टीम ने अपने साथ जोड़ा। 2013 के सीजन में मिलर ने पंजाब की ओर से खेलते हुए 12 मैचों में शानदार 164.56 के स्ट्राइक रेट से 418 रन बनाए, जिसमें एक ताबड़तोड़ शतक भी शामिल है। मिलर को आईपीएल से ही ‘किलर-मिलर’ का टैग मिला था। आईपीएल के प्रदर्शन के बाद ही मिलर को चैंपियंस ट्रॉफी के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम में चुना गया। उसके बाद से मिलर अफ्रीकी वनडे टीम के नियमित सदस्य हैं।

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5. शेन वाटसन

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी शेन वाटसन आईपीएल की शुरुआत से ही इस टूर्नामेंट के साथ जुड़े हैं। वाटसन साल 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़े थे। पहले सीजन में रॉयल्स की जीत में वॉटसन के ऑलराउंड खेल का बड़ा योगदान रहा और उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेली। इस दौरान वाटसन ने 15 मैचों में 151 के स्ट्राइक रेट के साथ 472 रन बनाए। इसके साथ ही वाटसन ने 17 विकेट भी झटके। आईपीएल के शानदार खेल के बाद वाटसन की राष्ट्रीय टीम में वेस्टइंडीज दौरे के लिए वापसी हुई थी। इसके बाद वाटसन ने एक बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर टीम में अपनी जगह पक्की की।