केरोना संक्रमण से कॉलेजों में एडमिशन का संकट

गाजियाबाद, (hdnlive)। एजुकेशनल हब के नाम से पहचान रखने वाले गाजियाबाद के तकनीकी, प्रबंधकीय, प्रोफेशनल कालेजों के संचालको के साथ ही शिक्षक, कर्मचारियों के चेहरे पर अब परेशानी झलक रही है। इन कालेजों के साथ ही बीएड, बीटीसी कालेजों में नये सेमेस्टर की शुरूआत होने पर अभी तक कोरोना संक्रमण के कारण लगे ब्रेक से कालेजो को एडमिशन के लिए छात्रों का संकट सताने लगा है।

नए सत्र के सितंबर तक खिसकने और अभी तक आगे की परिस्थितियों की तस्वीर स्पष्ट नहीं होने से कॉलेजों में बड़े पैमाने पर खाली सीटें रहने का अंदेशा है। कॉलेज प्रवेश से पहले गांव-गांव जाकर छात्रों तक संपर्क अभियान भी नहीं कर पाए। वहीं इन संस्थानो में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की ओर से कोरोना संक्रमण के इस दौर में कालेज को फीस तक नहीं मिल पा रही है। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबंध सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में ट्रेडिशनल कोर्स से लेकर प्रोफेशनल कोर्स संचालित है। बीबीए बीसीए,बीटैक सहित अन्य कोर्सो के लिये बीते कुछ वर्षो से संकट बना हुआ है, सीटे तक नहीं भर पा रही है।

गौरतलब हो कि निजी कॉलेजों में अधिकांश प्रवेश फीस आपूर्ति पर निर्भर होते हैं,लेकिन सच्चाई यह है कि कालेज को प्रतिपूर्ति एससी व एसटी को पूरी मिल पा रही है, लेकिन सामान्य ओबीसी छात्रों की फीस भी नहीं मिल पाई है। वही, 29जुलाई से एंट्रेस की संभावित तिथि बताई गयी है, लेकिन कोरोना के बढते संक्रमण को देख सत्र को लेकर कॉलेज एवं छात्र दोनों ही असमंजस की स्थिति में है। वहीं बीटीसी,बीएड कालेजों की स्थिति सबसे खराब है प्रवेश को लेकर सरकार नीति स्पष्ट नही कर रहीं है। प्रवेश परीक्षा और प्रक्रिया को लेकर अभी तक असमंजस बना हुआ है। सत्र 2018-19 और 19-20 की कुछ फीस प्रतिपूर्ति अभी तक अटकी पड़ी है। विश्वविद्यालय ने सेल्फ फाइनेंस कोर्स के लिए जो फीस अनुमोदित की है। वह शासन ने पास नहीं की ऐसे में कालेजों को इस दर पर फीस प्रतिपूर्ति नहीं हुई।