बिहार: चुनावी साल में राजद को झटका, 5 एमएलसी ने छोड़ी पार्टी

पटना, 24 जून (हरदिशाएं)। बिहार में अगले महीने विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव तथा इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को मंगलवार को एक साथ दोहरा झटका लगा है। राजद के पांच विधान पार्षदों ने जहां पार्टी छोड़कर जनता दल (युनाइटेड) का दामन थाम लिया, वहीं पार्टी के कद्दावर नेता और उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

राजद के विधान पार्षद राधाचरण सेठ, दिलीप राय, कमरे आलम, संजय प्रसाद, रणविजय सिंह मंगलवार को पार्टी छोड़कर जद (यू) में शामिल हो गए। विधान परिषद ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। बिहार विधान परिषद की तरफ से जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, राजद के आठ में दो तिहाई यानी पांच विधान पार्षदों ने एक अलग समूह बनाकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ दल जदयू में शामिल हो गए। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति के आदेश से उनके विलय को स्वीकृति भी मिल चुकी है।

इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले राजद के लिए ना केवल यह बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है, बल्कि राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर भी अब सवाल उठने लगा है। सूत्रों का दावा है कि राजद के कई विधायक भी जद (यू) के संपर्क में हैं। इस बीच, कोरोना संक्रमित और पटना एम्स में भर्ती पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंशोाद सिंह ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ दे दिया है।

पूर्व सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह के सहायक केदार यादव ने कहा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश बाबू पार्टी नहीं अपने पदों से इस्तीफा दिया है। इस समय वे कोरोना से लड़ रहे हैं। उनकी आपत्ति के बावजूद रामा सिंह जैसे आपराधिक छवि वाले आदमी को पार्टी में शामिल किया जा रहा है, इसी का विरोध जताने के लिए उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है।” इधर, पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि सिंह का इस्तीफा अभी पार्टी दफ्तर नहीं पहुंचा है। उल्लेखनीय है कि जद (यू) के नेता पहले ही यह दावा करते रहे हैं कि राजद के कई विधायक और विधान पार्षद उनके संपर्क में हैं।