बीएसईएस की लापरवाही से युवक की मौत

नई दिल्ली। हजरत निजामुद्दीन इलाके में बीएसईएस की लापरवाही ने एक ऐसे युवक की जान ले ली, जिस पर अपने पूरे परिवार को पालने की जिम्मेदारी, बहन की शादी की जिम्मेदारी और बुजुर्ग मां-बाप की देखभाल की जिम्मेदारी थी। दरअसल, सड़क किनारे लगे लोहे वाले बिजली के खंभे में दौड़ रहे हाई करंट की चपेट में आने से युवक चिपक गया और फिर बिजली के चंगुल से वह तभी छूटा जब उसकी जान चली गई। घटना के दौरान उसे बिजली के खंभे से छुड़ाने का प्रयास कर रहे एक युवक को भी करंट का जोरदार झटका लगा। उधर, घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को मौके से उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घटना को लेकर आईपीसी की धारा 304ए के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस के एक अधिकारी ने मृतक की पहचान 30 साल के जुबैर के तौर पर की है, जो मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा का रहने वाला है। घटना के बारे में एक चश्मदीद ने बताया कि रात करीब 10 बजे के आसपास का वक्त था, जब जुबैर अपने घर वालों से फोन पर बात करते हुए चल रहा था। उक्त बिजली के खम्भे के पास आते ही बातों ही बातों में उसने अपना कंधा उसपर टिका दिया। उस खम्भे में तेज करंट दौड़ रहा, जिसकी चपेट में आने से जुबैर खम्भे से चिपक गया। उसे खम्भे से चिपका देख एक युवक ने लकड़ी के पट्टे से मारकर उसे छुड़ाने की कोशिश भी की, लेकिन इस क्रम में उसे भी तेज का झटका लगा। आखिरकार उसकी मौत हो जाने के बाद वह गिर पड़ा। तत्काल मामले की सूचना बिजली विभाग को देकर बिजली कटवाई गई और पुलिस को बुलाकर उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वह निजामुद्दीन बस्ती में किराए पर कमरा लेकर कुछ अन्य लोगों के साथ रहता था। वह कार की सीट कवर लगाने का काम करता था। उसका पूरा परिवार गांव पर ही रहता है। परिवार में बुजुर्ग मां-बाप, दादी, तीन भाई उनका परिवार और एक बहन है। बताया जाता है कि जुबैर की सगाई हो चुकी थी और जल्द ही शादी होने वाली थी। उसके भाई अपने-अपने परिवार के साथ रहते हैं, ऐसे में बुजुर्ग मां-बाप, दादी और बहन की जिम्मेदारी अकेले जुबैर के कंधों पर थी। इसके अलावा बहन की शादी करने की जिम्मेदारी भी उसी की थी। उसकी मौत से परिवार वालों के सामने अंधेरा छा गया है।