बेटे की मौत की खबर सुन पिता पैदल ही गांव निकला , यूपी गेट पर फंसा

गांव में बेटे की मौत की सूचना पर घर के लिए निकला एक प्रवासी मजदूर पिछले तीन दिन से यूपी गेट पर फंसा हुआ है। गाजियाबाद पुलिस उसे यूपी गेट पार नहीं करने दे रही है। वह अधिकारियों से मिन्नतें करता रहा, लेकिन उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं है।

बिहार के बेगूसराय जिले के बरियापुर पूर्व निवासीरामपुकार पंडित दिल्ली के नवादा में मजदूरी करता था। लॉकडाउन की वजह से उसका काम बंद हो गया है। रामपुकार ने बताया कि गांव से उसके बेटे की मौत की खबर आई। इसके बाद वह गांव के लिए पैदल ही निकल पड़ा, लेकिन तीन दिन से वह यूपी गेट पर फंसा रहा है। वह हर हाल में अपने गांव जाना चाहता है। इसी के चलते वह गाजीपुर फ्लाईओवर के नीचे डेरा डाले बैठा है। उसने कई बार बॉर्डर पार करने की कोशिश की लेकिन मुस्तैद पुलिस ने हार बार उसे रोक दिया। रामपुकार को उम्मीद है पुलिस का दिल पसीजेगा और उसे जाने की अनुमति देंगे।

एक साल के इकलौते बेटे की हुई है मौत

बेगूसराय के बरियारपुर पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर पांच निवासी राम उत्तम पंडित का पुत्र रामपुकार नजफगढ़ में मजदूरी करता था। उसका परिवार गांव में रहता है। परिवार में पत्नी और तीन पुत्रियां हैं। इकलौते एक वर्षीय पुत्र रामप्रवेश की मौत बीमारी के कारण मौत हो गई है।

हिन्दुस्तान’ के घंटी बजाने पर मिली मदद

आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ के घंटी बजाने के बाद बुधवार शाम रामपुकार को मदद मिल गई। दिल्ली पुलिस ने रामपुकार को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन भेजा। जहां से वह शाम 6:30 बजे बिहार जाने वाली स्पेशल ट्रेन से रवाना हो गया। रामपुकार ने इसके लिए ‘हिन्दुस्तान’ को धन्यवाद दिया।

तबीयत भी खराब चल रही

रामपुकार ने बताया कि उसकी तबीयत खराब चल रही है। बेटे की मौत की खबर पर खुद को रोक नहीं पा रहा। उसे कोई सवारी नहीं मिली तो वह पैदल ही जाएगा।