यूपी बोर्ड 2020 की परीक्षा: हाईस्कूल में बागपत की रिया जैन तथा इंटर में बागपत के अनुराग मलिक टॉपर

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) 2020 की परीक्षा में बागपत की रिया जैन हाईस्कूल में तथा इंटर में बागपत के अनुराग मलिक टॉपर रही। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने यहां लोक भवन में शनिवार को यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 का परिणाम घोषित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में 83.31 प्रतिशत तथा 12वी में 74.63 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए है। हाईस्कूल की परीक्षा में बागपत की रिया जैन तथा इंटरमीडिएट में बागपत के अनुराग मलिक टॉपर रही।

उन्होंने कहा कि इस बार हाई स्कूल व इंटरमीडिएट दोनों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में अच्छा गया है। हाईस्कूल का परिणाम पिछले वर्ष से काफी अच्छा आया है। हाईस्कूल में 83.31 फीसद परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.22 है। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों की अपेक्षा 7.10 प्रतिशत बालकों की अपेक्षा अधिक है। इंटरमीडिएट में 74.63 फीसद विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इंटरमीडिएट का पास परसेंटेज 74.50 रहा। बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 13 प्रतिशत बालकों की अपेक्षा अधिक है।

ये हैं हाईस्कूल के टॉप थ्री

पहले स्थान पर-बड़ौत-बागपत की रिया जैन ने 96.67 फीसदी मार्क्स के साथ टॉप किया है।

दूसरे नंबर पर- अभिमन्यु वर्मा- पिता-रामहित वर्मा-95. 83 फीसदी, बाराबंकी

तीसरे नंबर पर- योगेश प्रताप सिंह- राजेंद्र प्रताप सिंह 95.33 फीसदी, बाराबंकी

ये हैं इंटर के टॉप थ्री

इंटरमीडिएट (12वीं) में बड़ौत-बागपत के अनुराग मलिक ने 97 फीसदी मार्क्स के साथ टॉप किया है।

दूसरे स्थान पर-प्रांजल सिंह-96 फीसदी-प्रयागराज

तीसरे स्थान पर-उत्कर्ष शुक्ला, 94.80-औरैया

एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से आयी क्रांति

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमने एनसीईआरटी का कोर्स लागू किया। यूपी में ढाई साल में शैक्षिक क्रांति आई इससे। उनकी किताबें उपलब्ध कराईं। वेबसाइट पर किताबों के मूल्यों का अंकन किया। सरकारी स्कूलों में सही दामों में किताबों का इंतजाम किया। 15-20 साल पहले से सस्ते दामों में किताबें मिल रही हैं और पाठ्यक्रम बेहतर हुआ।

52 लाख परीक्षार्थियों ने दी थी परीक्षा

डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 52 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षाफल समय से जारी करना सपना था। कठिन परिस्थितियों में परीक्षा करवाईं। 21 दिनों में कॉपियां जांचना और जल्दी परीक्षाफल घोषित करना महालक्ष्य था। रिजल्ट पिछले वर्ष से बेहतर है। दस महीने पहले ही स्कीम दी थी।

परीक्षा 12 से 15 दिन में करवाईं। साथ में हमने प्रश्नपत्रों के मॉडल अपलोड किए थे। टोल फ्री हेल्पलाइन लगवाई। नकलविहीन परीक्षा के लिए 95 हजार परीक्षाकक्ष थे। एक लाख से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे राउटर के साथ लगे। इस बार 10वीं-12वीं की परीक्षा एक साथ 18 फरवरी को शुरू हुई थीं। 10वीं की परीक्षा 3 मार्च जबकि इंटर की परीक्षा 6 मार्च को समाप्त हुई थी। इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मूल्यांकन कार्य बाधित हुआ। इसलिए परीक्षा परिणाम एक माह देरी से जारी हुआ।

15 जुलाई से मिलेंगे हार्ड कॉपी में परिणाम

इस बारे में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि पहली बार डिजिटल प्रमाणपत्र व अंकपत्र दिए जाएंगे। 3 दिन के अंदर अंकपत्र मिलेंगे। 15 व 30 जुलाई के आसपास सॉफ्टकॉपी मिलने लगेंगी अंकपत्र की।

लखनऊ में बेटियां आगे

राजधानी से यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले 10,1043 छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो गया। लखनऊ में इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम, 81.64 प्रतिशत रहा, इसमें बेटियों ने बाजी मारी उनका परिणाम 88.93 प्रतिशत रहा, ज​बकि लड़कों का 74.40 रहा। वहीं हाइस्कूल में बेटियों ने बाजी मारी यहां दसवीं में कुल प्रतिशत 89 रहा। इसमें बेटियां 93.90 फीसदी अंको के साथ सबसे आगे रही हैं जबकि लड़के 84.19 प्रतिशत के साथ पीछे रहे हैं।

बरेली में बेटियां आगे

बरेली में यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में बेटियां आगे रही यहां इंटरमीडिएट में बेटियों का परिणाम 88.25 प्रतिशत रहा, जबकि लड़कों का परिणाम 74.99 प्रतिशत रहा। वहीं हाईस्कूल में बरेली का कुल प्रतिशत 85.18 रहा जबकि यहां बेटियां 91.59 प्रतिशत के साथ आगे रहीं वहीं 80.41 प्रतिशत के साथ बेटे पीछे रहे।

मुरादाबाद में बेटियां आगे

मुरादाबाद में इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में बेटियां आगे रही, यहां बेटियों का परिणाम 86.02 प्रतिशत रहा जबकि लड़कों का परिणाम 71.68 फीसदी रहा। यहां हाईस्कूल में कुल परिणाम 89.78 प्रतिशत इसमें 94.49 प्रतिशत के साथ बेटियां आगे रही जबकि लड़के 85.49 प्रतिशत के साथ पीछे रहे।