2019 में कठपुतनी कॉलोनी को मिलेगा नया कलेवर

केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली स्थित कठपुतली झुग्गी बस्ती को भारतीय लोक कलाओं की ‘रोलमॉडल’ बताते हुए कहा की यह कालोनी अगले साल फरवरी में नए सिरे से बन कर तैयार हो जाएगी। पुरी ने मंगलवार को कठपुतली कॉलोनी की पुनर्विकास योजना की आधारशिला रखते हुए कहा कि उत्तर भारत की लोक कलाओं से जुड़े 2,800 परिवार अगले वर्ष इसी स्थान पर नया जीवन शुरू करेंगे।

 झुग्गी बस्तियों का किसी अन्य स्थान पर पुनर्वास किए बिना उसके मूल स्थान पर ही झुग्गी को नए आवासीय परिसर में तब्दील करने की केंद्र सरकार की योजना का दिल्ली में कठपुतली कॉलोनी से आगाज हुआ ह। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी से राजधानी की सभी झुग्गी बस्तियों का पुनर्वास करेगा। इस अवसर पर डीडीए उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने कहा कि कठपुतली कालोनी की तर्ज़ पर दिल्ली में सभी 475 झुग्गी कालोनी समयबद्ध तरीके से विकसित की जाएंगी।

इतना ही नहीं पुरी ने बदहाली से जूझ रही दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में भी निजी क्षेत्र की भागीदारी से आवास और अन्य नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि कठपुतली कॉलोनी का काम दो साल के लक्षित समय से पहले 10 महीने में ही पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना के तहत कठपुतली कालोनी में 5.22 हेक्टेयर ज़मीन पर पुनर्वासित किए गए प्रत्येक परिवार को 30 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का मकान दिया जाएगा। साथ ही 45 साल पहले विभिन्न लोक कलाकारों द्वारा बसाई गई इस कालोनी में एक शिल्प ग्राम और संग्रहालय भी बनाया जाएगा।