Anti-sikh riots : अदालत ने अभिषेक वर्मा की अवमानना याचिका पर जवाब मांगा

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में गवाह और विवादास्पद शस्त्र विक्रेता अभिषेक वर्मा की याचिका पर दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सोमवार को जवाब मांगा। वर्मा ने उन्हें सुरक्षा प्रदान करते रहने के एक न्यायिक आदेश की कथित रूप से अवहेलना के मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की थी।

न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के वकील से पूछा कि निचली अदालत के आदेश के बावजूद वर्मा की सुरक्षा कम क्यों की गयी जबकि अदालत ने 18 अगस्त को पुलिस से कहा था कि वर्मा को एक महीने तक सुरक्षा प्रदान की जाती रहे।

जब पुलिस अधिकारियों के वकील ने कहा कि वे सुरक्षा संबंधी स्थिति की समीक्षा करने का प्रयास कर रहे हैं तो उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘अगर इस दौरान उन्हें कुछ हो जाता तो ? वह (दंगों के) मामले में महत्वपूर्ण गवाह हैं।’’

वर्मा ने दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त और दक्षिण जिले के उपायुक्त के खिलाफ कथित अवमानना मामले में कार्रवाई की मांग की है। वर्मा और उनके परिवार को पहले तीन सुरक्षाकर्मी प्रदान किये गये थे क्योंकि उन्हें धमकियां मिल रही थीं। उच्च न्यायालय की एक अन्य एकल पीठ ने अंतरिम उपाय के तौर पर 28 सितंबर को पुलिस को निर्देश दिया था कि वर्मा को हर समय तीन सुरक्षाकर्मियों द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाए।