सिख वोटरों के खिलाफ दिल्ली सरकार कर रही है साजिश, इसमें सरना और जागो पार्टी भी शामिल : जगदीप सिंह काहलो

नई दिल्ली (hdnlive)। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों को लेकर दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने गुरुवार को सभी दलों की मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में दिल्ली सरकार का सिखो के प्रति दोगला चेहरा सामने आ गया। शुक्रवार को दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें लीगल सेल के चेयरमैन जगदीप सिंह काहलो और चीफ कॉर्डिनेटर इंद्रमोहन सिंह समेत कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे। लीगल सेल के चेयरमैन जगदीप काहलो का कहना है कि दिल्ली सरकार 1 लाख से अधिक सिख वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से हटाने की गहरी साजिश कर रही है और दिल्ली सरकार की इस साजिश में शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) और जागो पार्टी भी दिल्ली सरकार का साथ दे रही है।

rajender pal gautam delhi

श्री काहलो का कहना है कि दिल्ली में सिखों की आबादी 10 लाख से अधिक है। जबकि गुरुवार को पेश की गई वोटर लिस्ट में सिर्फ 3 लाख 84 हजार वोटर हैं। मीटिंग में दिल्ली सरकार के मंत्री ने कहा कि बिना फोटो वाले 1 लाख से अधिक वोटर्स को लिस्ट से हटा दिया जाएगा। जहां हमने इसका पुरजोर विरोध किया। वहीं सरना दल और जागो पार्टी दिल्ली सरकार का समर्थन कर रही थी।  इससे पता चलता है कि इन दोनों दलों को सिखों के हितों की कोई चिंता नहीं वह बस राजनीति करना चाहती है। सरदार काहलो ने कहा कि मीटिंग में डायरेक्टर गुरुद्वारा चुनाव ने खुद कहा कि हमने फिजिशन वेरिफिकेशन की है और वह लोग वहीं मिले हैं। जब लोग वहीं पर रहते हैं तो उनको वोट के अधिकार से कैस वंचित रखा जा सकता है?

श्री काहलो ने कहा कि दिल्ली सरकार सिखों को हमेशा से दरकिनार करती आई है। आम आदमी पार्टी में पहली पारी में 4 सिख विधायक जीत कर आए थे जबकि दूसरी पारी में 2 सिख विधायक हैं, लेकिन किसी को भी मंत्री पद नहीं दिया गया। दिल्ली में सिख वोटर्स को कम करके दिल्ली सरकार उनका प्रभाव कम करना चाहती है और हम ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे। अगर जनगणना भी करानी पड़ी तो भी हम पीछे नहीं हटेंगे। हम दिल्ली सरकार को यह भी पेशकश करते हैं अगर उन्हें हमसे सहयोग चाहिए तो अपना स्टाफ लगाने के लिए तैयार है, लेकिन सभी सिख वोटर्स को उनका हक मिलना चाहिए। 

चीफ कॉर्डिनेटर इंद्रमोहन सिंह जी ने कहा कि वोटर्स की जो लिस्ट सरकार के पास है वह 37 साल पुरानी है। हर चुनावों से पहले लिस्ट में कई संशोधन किया जाता है। यह संशोधन सिर्फ पुराने वोटर्स के सत्यापन के आधार पर ही हुए हैं, लेकिन कोई नया वोटर नहीं जोड़ा गया। तीन साल पहले हमने और शिरोमणि अकाली दल दिल्ली ने मिलकर हाई कोर्ट में पीटिशन दायर की थी कि नए वोटर बनाने की इजाजत दी जाए। हालांकि अभी दो महीने पहले शिरोमणि अकाली दल दिल्ली ने अपनी पीटिशन वापस ले ली है, लेकिन हम अब भी सिख वोटरों के हक के लिए कोर्ट में केस लड़ रहे हैं। कोविड की चलते वोटर अपनी फोटो जमा नहीं कर पा रहे हैं ऐसे में वोटरों को राहत देने की बजाय दिल्ली सरकार वोटर लिस्ट से नाम हटाने की बात कह रही है।

साथ ही शिरोमणि अकाली दल दिल्ली और जागो पार्टी कमेटी चुनावों में देरी कराने की कोशिश में भी लगी हुई है। गुरुवार को मीटिंग में भी उन्होंने चुनाव की डेट को एक महीने आगे खिसकाने की सिफारिश की। जबकि हमने कहा है कि चुनाव तय समय पर ही होने चाहिए। दोनों पार्टी दिल्ली सरकार के साथ मिलकर सिखो का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। इससे साफ जाहिर है कि इनकी मंशा सही नहीं है। बाद में यही लोग कमेटी पर आरोप लगा देंगे कि हम चुनाव नहीं होने देना चाहते हैं। यह धार्मिक चुनाव है संगत जिसको मौका देगी वही जीतेगा। ऐसे में चुनाव में देरी कराने का तो सवाल ही नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली कमेटी मेंबर गुरमीत सिंह भाटिया, सर्वजीत सिंह विरक, हरजीत सिंह पप्पा एवं अकाली नेता जगजीत सिंह गांधी भी मौजूद रहे।