परीक्षा देने के बाद भी अनुपस्थित हो गए SOL के छात्र

नई दिल्ली (hdnlive)। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (sol) में अभी कई विषयों का परीक्षा परिणाम नहीं आया है और जिनका आया है उनमें से भी कई छात्र ऐसे हैं जिन्होंने परीक्षा दी है, लेकिन उनको अनुपस्थित बता दिया गया है। इस बाबत छात्रों ने डीयू प्रशासन को शिकायत भी की है।

प्रिया ने बीए प्रोग्राम अंतिम की परीक्षा अगस्त में दी है, लेकिन उनको परीक्षा परिणाम का इंतजार है। प्रिया ने बताया कि मैंने डीयू में लॉ की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है, लेकिन स्नातक का परीक्षा परिणाम अभी नहीं आया है। जब तक परिणाम नहीं आ जाता मैं लॉ में प्रवेश नहीं ले सकती हूं। प्रिया बताती हैं कि मैं गोपनीय परीक्षा परिणाम के लिए डीयू के कई चक्कर लगाए, लेकिन इस बीच मुझे बताया गया कि मैं एक विषय में अनुपस्थित हूं। जबकि मैंने अगस्त में हुई ओपन बुक परीक्षा में सभी विषयों की परीक्षा दी थी।

एसओएल प्रशासन का कहना है कि मेरी उत्तर पुस्तिका उनको प्राप्त नहीं हुई है जबकि मैंने इसे मेल के माध्मय से भेजा था। प्रिया का कहना है कि यह केवल मेरे साथ ही नहीं है और भी छात्र छात्राएं इस परेशानी से गुजर रहे हैं। मैंने अपनी शिकायत नोडल ऑफिसर को भी भेजी है।

एसओएल से बीकाम अंतिम वर्ष की परीक्षा दे चुकीं खुश्बू ने बताया कि अगस्त में परीक्षा देने के बाद भी मेरा जब परीक्षा परिणाम आया तो उसमें मुझे अनुपस्थित दिखाया गया है। जबकि मैंने पेपर दिया था। मैंने न केवल मेल से बल्कि पोर्टल से भी अपनी उत्तर पुस्तिका डीयू को भेजी थी।

सुभाष कुमार यादव और सुनील कुमार यादव दोनों भाई हैं। दोनों ने बीकाम अंतिम वर्ष की परीक्षा अगस्त में दी थी, लेकिन दोनों को एक प्रश्नपत्र में अनुपस्थित बताया गया है। सुभाष का कहना है कि मैं दूसरी जगह परास्नातक में दाखिला नहीं ले सकता, क्योंकि नियमत: मैं अनुत्तीर्ण हूं। वह बताते हैं कि बीकाम में पेपर कोड 105 में हमें अनुपस्थित किया गया है जबकि मैंने परीक्षा दी थी।

डीयू में एसओएल के विशेष कार्य अधिकारी प्रो. उमाशंकर पांडेय का कहना है कि जिन छात्रों को इस बाबत शिकायत है कि उनका परीक्षा परिणाम लंबित बता रहा है या उनको परीक्षा में अनुपस्थित बताया गया है उनके लिए एसओएल की वेबसाइट पर एक विस्तृत जानकारी दी गई है कि उनको इस स्थिति में क्या करना है। उन्होंने यह भी बताया कि विषयवार मेल आईडी भी जारी की गई है, ताकि छात्र अपनी संबंधित विषय की समस्या लिखकर उसे मेल कर सकें। उसका समाधान किया जाएगा, लेकिन मेल करते समय छात्र को इसका प्रमाण देना होगा कि उसने परीक्षा की कॉपी मेल की थी। कई बार छात्र गलती से केवल बिना अटैचमेंट के मेल कर देते हैं।