यूरोपीय देश स्पेन में हालात जटिल होते जा रहे हैं। यहां की राजधानी मैड्रिड में हर दस में आठ लोग कोरोना वायरस बीमारी की चपेट में हैं। रीजन ऑफ मैड्रिड की अध्यक्ष इसाबेल डियाज आयसो ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हालांकि इनके लक्षण हल्के किस्म के हैं, लेकिन यह देश की जनसंख्या के एक हिस्से के लिए बड़ी समस्या हो सकती है। यह संख्या देश की आबादी की 15 फीसदी है।

उन्होंने स्पैनिश रेडियो को दिए साक्षात्कार में कहा कि हो सकता है कि व्यावहारिक तौर पर पूरी आबादी इससे संक्रमित हो जाए लेकिन हमारी बड़ी समस्या उन लोगों की है जो इस बीमारी का आसानी से शिकार बन जाते हैं। उन्होंने इस बीमारी को उम्रदराज लोगों और ऐसे लोग जो पहले से दूसरी बीमारियों का सामना कर रहे हैं, उनके लिए जानलेवा करार दिया।

मैड्रिड को इस समय निजी और सरकारी चिकित्सा सेवाओं के एकीकरण और अस्पताल के आम बिस्तर को आईसीयू में बदल देने की जरूरत है। गौरतलब है कि देश में इस समय 17 हजार से अधिक लोग कोरोना से पीड़ित हैं। यहां एक ही दिन में 2,378 मामले मिलने से घबराहट फैल गई है। बुधवार को यहां 129 लोगों ने दम तोड़ दिया जिससे कुल मरने वालों की संख्या 767 हो गई है।

ईरान में दस मिनट में एक की मौत

ईरान में हालात इस कदर मुश्किल में हैं कि देश में हर दस मिनट में एक शख्स कोरोना की वजह से दम तोड़ देता है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता कियानुश जहांपुर ने बृहस्पतिवार को एक ट्वीट में यह जानकारी देते हुए कहा कि एक घंटे के भीतर 50 लोग संक्रमण के शिकार हो जाते हैं। ईरान में बीते एक दिन में 149 लोगों की मौत हो गई और एक हजार से अधिक संक्रमण के ताजे मामले सामने आए।