अब इलेक्ट्रिक रूट पर दो मंजिला कंटेनर ट्रेन भी चलती दिखेंगी

देश में चल रही डबल डेकर यात्री ट्रेन के बाद अब इलेक्ट्रिक रूट पर आने वाले दिनों में दो मंजिला कंटेनर ट्रेन भी चलती दिखेंगी। यह संभव कर दिखाया है केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) प्रयागराज ने। कोर प्रयागराज के प्रयास से देश में पहली बार डबल-स्टैक इलेक्ट्रिक मालगाड़ी को रेल पटरी पर चलाना संभव कर दिया है। गुजरात में कोर प्रयागराज के अहमदाबाद परियोजना यूनिट ने यह उपलब्धि दर्ज की है। वर्तमान समय देश के जिन रूटों पर डबल डेकर यात्री ट्रेन चल रही है वहां ओएचई की ऊंचाई नहीं बढ़ाई गई है। यूं तो देश के कुछ स्थानों पर दो मंजिला कंटेनर ट्रेन चल रही है लेकिन वह सभी डीजल के रूट हैं। इलेक्ट्रिक रूट पर अभी तक दो मंजिला कंटेनर ट्रेन चलाना संभव नहीं था। ऐसा इसलिए क्योंकि दो मंजिला कंटेनर ट्रेन के लिए परंपरागत ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) मैं लगे तार की रेलवे ट्रैक से 5.60 मीटर ऊंचाई रहती है। इस वजह से डबल डेकर मालगाड़ी चलाना इलेक्ट्रिक रूट पर संभव नहीं था।

10 जून को किया गया सफलता पूर्ण संचालन

इसे देखते हुए वर्ष 2019 में तय हुआ कि ऐसे रूट जहां कंटेनर की आवाजाही ज्यादा है वहां ओएचई को ऊंचा किया जाए। यह कार्य कोर प्रयागराज ने काफी कम समय में ही कर दिखाया और गुजरात में पालनपुर से बोटाड खंड तक कुल 270 रूट किलोमीटर इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर ओएचई की ऊंचाई 7.57 मीटर कर दी गई। यह काम करने के बाद यहां डबल स्टैक कंटेनर का ट्रायल के रूप में 10 जून को सफलता पूर्ण संचालन भी किया गया। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी वेस्टर्न सर्कल मुंबई द्वारा इस हाई राइज ओएचई रूट माल यातायात के खोलने के लिए निरीक्षण किया जा रहा है। कोर प्रयागराज के सीपीआरओ अमिताभ शर्मा ने बताया कि गुजरात में अभी कुल 608 रूट किलोमीटर इलेक्ट्रिक रूट पर अभी यह काम होना है।

ग्रीन इंडिया की पहल को बढ़ावा मिलेगा बढ़ावा

गौरतलब है कि हाई राइज ओएचई के साथ विद्युतीकरण और बाद में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन द्वारा डबल स्टैक कंटेनर चलाने से भारतीय रेलवे में ग्रीन इंडिया की पहल को बढ़ावा मिलेगा। रेल विद्युतीकरण के जल्दी पूरा होने से पर्यावरण सुरक्षा होगी साथ ही साथ देश को आर्थिक और वित्तीय लाभ होगा। रेल विद्युतीकरण डीजल इंजनों पर निर्भरता को कम करते हुए कार्बन फुटप्रिंट को कम करेगा और ईंधन के आयात को कम करने से प्रति वर्ष लगभग 100 करोड़ रुपये का विदेशी मुद्रा बचत की उम्मीद है।

विद्युतीकरण से ट्रेनों को शक्तिशाली बनाने में मिलेगी मदद विद्युतीकरण से ट्रेनों की गतिशीलता को और अधिक विश्वसनीय तथा शक्तिशाली बनाने में मदद मिलेगी। इससे सेक्शन में अधिक ट्रेनों को चलाने के लिए लाइन क्षमता में भी पर्याप्त वृद्धि होने की उम्मीद है। श्री वाई पी सिंह महाप्रबंधक, केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन ने कठिन चुनौतियों के बावजूद नई हाई राईज ओएचई की स्थापना के लिए रेलवे विद्युतीकरण परियोजना अहमदाबाद की पूरी टीम को बधाई दी है। हाई राइज ओएचई के अनुसार ओवर लाइन निर्माण के लिए समयबद्ध संशोधन में राज्य और केंद्र सरकार की कई वैधानिक स्वीकृतियां समय पर प्राप्त की गई, इस काम को पूरा करने में पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।