गृह मंत्रालय ने इन क्षेत्रों में दी छूट, देखें पूरी लिस्‍ट

सरकार की तरफ से कोरोना वायरस पर होने वाली दैनिक प्रेस वार्ता में गुरुवार शाम को गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था की गति को बनाए रखने के लिए कृषि कार्यों की अनुमति दी गयी है. वरिष्ठ नागरिकों की बैक साइड अटेंडेंट और देखभाल सेवाओं को प्रतिबंधों से छूट दी गई है.

इन क्षेत्रों को दी गई है छूट

इसके अलावा प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज की दुकानों, शहरों में दूध और ब्रेड फैक्ट्रियों और दाल-आटा मिलों में काम की छूट दी गई है. किताब और बिजली की दुकानों को भी छूट दी गई है. पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि शहद संबंधी आवाजाही की मंजूरी, सड़क निर्माण और ईंट भट्टे भी खुल पाएंगे.

गृह मंत्रालय ने राज्‍यों से कहा है कि स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों को पर्याप्‍त सुरक्षा दी जाए. अगर उनके खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा होती है तो आपदा प्रबंधन एक्‍ट के तहत सख्‍त से सख्‍त कार्रवाई की जाए. मंत्रालय ने कहा कि देश में अभी तक लॉकडाउन संतोषजनक रूप से चल रहा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 1409 मामले सामने आए. संक्रमित मामलों की संख्या 21,393 पहुंची. कोविड-19 से संक्रमित 4257 मरीज अबतक ठीक हो चुके हैं, यह आंकड़ा 19.89 फीसदी है.

78 जिलों में 14 दिन से कोई नया केस नहीं

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा कि देश के 78 जिलों में बीते 14 दिनों में कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आया. हम लॉकडाउन के 30 दिनों में वायरस के संचरण में कमी, कोविड-19 के प्रसार को न्यूनतम कर पाने में सफल रहे हैं.

मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन लागू होने के बाद जांच में 24 गुना की वृद्धि हुई है, जबकि नए मामलों की संख्या 16 गुना. पिछले महीने में कोविड-19 के लिए निर्धारित अस्पतालों की संख्या 3.5 गुना बढ़ी, जबकि पृथक बिस्तरों की संख्या में 3.6 गुना वृद्धि हुई.

पांच लाख से ज्‍यादा कोरोना टेस्‍ट किए गए

आईसीएमआर ने कहा कि कोरोना वायरस की चुनौती को लेकर हमारा मूलमंत्र है जिंदगी कैसे बचाएं. इसको लेकर हम टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. पर्यावरण सचिव और अध्यक्ष सीके मिश्रा ने कहा कि 23 मार्च को हमने 14,915 टेस्‍ट किए और 22 अप्रैल तक हमने 5 लाख से अधिक टेस्‍ट किए हैं. अगर इसकी गणना की जाए तो यह 30 दिनों में लगभग 33 गुना होता है. हालांकि ये पर्याप्त नहीं है. इस देश में रैंप टेस्‍ट करने की आवश्यकता है.