“चीन से आई PPE किट पूरे नहीं करती मापदंड”

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि लगभग 63,000 पर्सनल प्रोटेक्टिव एक्विपमेंट/पीपीई (PPE) जो अभी हाल में ही चीन (China) से आई है, अपने मापदंडो को पूरा नहीं करती है. उसमे कोई न कोई कमी है.

अभी हाल ही में भारत ने चीन को डेढ़ करोड़ पीपीई के ऑर्डर दिए थे. इसमें गाउन, मास्क, दस्ताने और चश्मे शामिल हैं. इससे पहले भारत चीन से 1.5 मिलियन टेस्टिंग किट खरीद रहा है, जिसमे से कुछ को पहले डिलीवर किया जा चुका है.

चीन के भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री ने मंगलवार को बीजिंग से एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में यह खुलासा किया. इसका मतलब है कि डॉक्टरों द्वारा अस्पतालों में पीपीई की कमी की शिकायत के बीच भारत पीपीई के लिए चीन पर निर्भर है.

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार का आंकलन है कि देश को अगले दो महीनों में लगभग डेढ़ करोड़ पीपीई और 16 लाख टेस्टिंग किट की आवश्यकता होगी. अधिकारियों के समूह ने 3 अप्रैल को ‘निजी क्षेत्र, गैर सरकारी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय’ पर बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों को यह जानकारी दी गई, जिसका नेतृत्व नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत कर रहे थे.

अभी कुछ दिन पहले ही चीन की बड़ी निजी कंपनियों की तरफ से भारत को दान स्वरूप मिली कई किट्स जांच के फेल होने की खबर आई थी. द इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार, इस मामले से जुड़े एक शख्स ने बताया कि चीन से 1,70,000 PPE किट्स आई हैं, जिसमें 50,000 किट्स क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गईं. शख्स ने बताया कि 30,000 और 10,000 किट्स के दो छोटे कंसाइनमेंट्स भी आईं जो टेस्ट में फेल हो गई हैं. ये किट्स डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन लेबोरेट्री ग्वालियर में टेस्ट की गईं.

रिपोर्ट के अनुसार, एक ओर सरकारी अधिकारियों ने कहा कि वे केवल CE/FDA certified PPE किट खरीद रहे हैं. दान के रूप में प्राप्त कुछ किट्स गुणवत्ता परीक्षण में विफल रहे और उनका उपयोग नहीं किया जा सकता है. वहीं इस मामले से जुड़े व्यक्ति ने कहा कि एफडीए/सीई-स्वीकृत को भारत में गुणवत्ता परीक्षण पास करना होगा.

रिपोर्ट के अनुसार, जो किट्स टेस्ट में फेल पाई गईं. वे भारत में बड़ी निजी कंपनियों से दान के रूप में मिली थीं. अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरी प्लानिंग के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि कमी को पूरा करने के लिए व्यापारियों के माध्यम से एक अतिरिक्त 1 लाख सूट का ऑर्डर दिया गया है, जिसमें एक सिंगापुर की कंपनी भी शामिल है. हालांकि, सभी सूट चीन से ही लिए जाएंगे.