थाई बौद्ध भिक्षुओं की वतन वापसी सुनिश्चित, 24 को थाइलैंड की भरेंगे उड़ान

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में पिछले एक महीने से फंसे 133 थाई बौद्ध भिक्षुओं की वतन वापसी सुनिश्चित हो गई है. ये लोग बीते 21 मार्च से कुशीनगर के थाई मंदिर में रह रहे थे. थाई दूतावास और भारत सरकार के समन्वय के बाद इनकी वतन वापसी की व्यवस्था की गई है. ये सभी 24 अप्रैल को बोधगया से थाई एयर एशिया से अपने मुल्क थाइलैंड जाएंगे. गुरुवार को इन 133 बौद्ध भिक्षुओं को पांच बसों से कुशीनगर थाई मंदिर से बोधगया के लिए रवाना किया गया.

बता दें कि लॉकडाउन के चलते करीब 175 विदेशी बौद्ध भिक्षु और पर्यटक कुशीनगर में फंसे हुए थे. इनमें 36 पर्यटक रूस, अमेरिका, जापान, चिली और मैक्सिको आदि देशों के हैं. जबकि बाकी थाईलैंड के बताए जा रहे हैं. ये सभी विदेशी नागरिक अपने-अपने देशों के दूतावासों से वतन वापसी की गुहार लगा चुके हैं. फिलहाल ये कुशीनगर स्थित विभिन्न बौद्ध मॉनेस्ट्रियों में ठहरे हुए हैं.

340 यात्री जाएंगे थाईलैंड

जानकारी के अनुसार बोधगया, राजगीर, वाराणसी, कुशीनगर समेत अन्य बौद्ध सर्किट में थाइलैंड के करीब 340 यात्री फंसे हुए हैं. थाइलैंड सरकार ने इन्हें वापस ले जाने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया है. इन्हें वापस थाइलैंड भेजने के लिए प्रकिया शुरू कर दी गई है. अब थाइलैंड से 24 और 25 अप्रैल को दो विमान गया एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे, जो अपने यात्रियों को लेकर स्वदेश के लिए रवाना होंगे. थाइलैंड के यात्रियों के भेजने के दौरान भी कोरोना महामारी को लेकर जारी एडवायजरी का पालन किया जायेगा.

281 बौद्ध भिक्षु म्यांमार हो चुके रवाना

इससे पहले म्यांमार सरकार ने भी अपने 281 बौद्ध भिक्षुओं की वतन वापसी के लिए भारत सरकार से अनुरोध कर मिलकर व्यवस्था की थी. भारत सरकार की विशेष अनुमति के बाद म्यांमार एयरवेज की दो फ्लाइट इन्हें लेने के लिए विशेष रूप से बोधगया पहुंची थी. इन लोगों को गया एयरपोर्ट से म्यांमार के लिए रवाना किया गया. एयरपोर्ट के निदेशक दिलीप कुमार ने न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा कि लॉकडाउन की वजह से ये यात्री बोधगया, नालंदा, राजगीर, कुशीनगर, वाराणसी समेत अन्य बौद्ध सर्किट में फंसे हुए थे. इनको निकालने के लिए म्यामांर सरकार काफी दिनों से प्रयास कर रही थी.