महाराष्ट्र सरकार ने 6 राज्यों से कहा अपने फंसे लोगों को बुला लें

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले और प्रवासियों की बेचैनी के बीच उद्धव सरकार ने 6 राज्यों से कहा है कि वे प्रदेश में फंसे प्रवासियों को वापस बुला लें। राज्य के मुख्य सचिव अजॉय मेहता ने बताया कि महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के लगभग साढ़े तीन लाख लोग फंसे हैं। उन्होंने सरकारों से कहा कि वे उनके यहां के फंसे लोगों को बुला लें। इसके लिए महाराष्ट्र की सीमाओं तक इन प्रवासियों को छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।

इस बीच महाराष्ट्र में फंसे तीर्थयात्रियों को वापस बुलाने के लिए पंजाब सरकार ने केंद्र से अनुमति मांगी थी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए। इधर, तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ में फंसे तीर्थयात्रियों में से लगभग सौ यात्री दिल्ली, पंजाब और हरियाणा रवाना हो गए। अब महाराष्ट्र ने हिमाचल और हरियाणा सरकारों ने भी शनिवार को बसों में कश्मीरी कार्यकर्ताओं और यूपी के लोगों को वापस उनके गृह राज्यों में बसों से भेज दिया।

पंजाब ने भेजीं 80 और बसें

लॉकडाउन से एक दिन पहले 23 मार्च को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुल 3,800 तीर्थयात्री नांदेड़ आए थे। दूसरे दिन लॉकडाउन होने के कारण वे यहां फंस गए। पंजाब सरकार द्वारा नांदेड़ के लिए 80 बसें भेजी गईं। शुक्रवार को बसों में पहला जत्था रवाना होने के बाद, पंजाब सरकार ने शनिवार को 80 और बसें नांदेड़ रवाना कीं। बसें लगभग 3300 किलोमीटर का सफर तय करेंगी। हर एक बस में तीन ड्राइवर्स, एक कंडक्टर और एक पुलिस वाले भेजे गए हैं।

केंद्र के सामने उठा था मुद्दा

एक अधिकारी ने बताया कि अजॉय मेहता ने केंद्रीय कैबिनेट सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह मुद्दा उठाया था। खबरों के मुताबिक सीएम उद्धव ठाकरे ने इस मामले को केंद्र के सामने उठाया था लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।

तख्त श्री हजूर साहिब सिख धर्म के पवित्रतम स्थानों में से एक है। लॉकडाउन के बाद, वहां फंसे तीर्थयात्रियों ने पंजाब के सीएम सिंह से संपर्क किया, जिन्होंने ठाकरे से बात की। ठाकरे ने सिंह से कहा कि उन्हें तीर्थयात्रियों की वापसी पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन लॉकडाउन के मद्देनजर इसके लिए केंद्र की अनुमति की आवश्यकता होगी। सिंह ने अमित शाह के साथ मामला उठाया, जिन्होंने विशेष मामले के रूप में परिवहन की अनुमति दी। पंजाब और महाराष्ट्र के बीच बातचीत के बाद अनुमति दी गई और नांदेड़ कलेक्टर ने यात्रा पास प्रदान करने का निर्देश दिया।

एक बस में 35 लोगों को बैठाया जाएगा

अधिकारियों ने बताया कि बसों के अंदर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए बिठाने को कहा गया है। एक बस की क्षमता 52 लोगों की है लेकिन उसमें सिर्फ 35 लोगों को ही बैठाया जाएगा। बसों में बैठाने से पहले सभी का मेडिकल टेस्ट किया जाएगा। रिपोर्ट निगेटिव वालों को ही बस में बैठाया जाएगा। वापस आने के बाद सभी को 14 दिन के क्वरांटाइन में रखा जाएगा।