दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद चिन्मयानंद ने पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले के आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की एसपी से मांग की है। उन्होंने इस संबंध में जेल से एसपी को पत्र भेजा है। चिन्मयानंद की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया कि वह 9 अगस्त को अपने निवास पर बैठे थे। उसी समय सचिन सेंगर उनके पास पहुंचा और उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य होने की धमकी देते हुए पांच करोड़ रुपये मांगे।

रकम न देने पर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। इसके बाद 22 अगस्त को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज भेजकर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। पत्र के मुताबिक उस समय वह हरिद्वार आश्रम में थे। उन्होंने व्हाट्सएप मैसेज एसपी को भेजना चाहा, लेकिन सेंड नहीं हो पाया। फिर उन्होंने कॉलेज में विधिक कार्य देख रहे अधिवक्ता ओम सिंह को वह मैसेज भेजा। उन्होंने मैसेज एसपी को भेज दिया था।

इस संबंध में 25 अगस्त को रात 2:20 बजे चौक कोतवाली में फिरौती मांगने वालों के खिलाफ ओम सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई जिसकी जांच एसआईटी कर रही है। जांच के दौरान थाना तिलहर क्षेत्र के गांव बंथरा निवासी संजय सिंह, विक्रम उर्फ दुर्गेश, सचिन उर्फ सोनू और छात्रा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पत्र में कहा गया है कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इन चारों लोगों के अलावा अन्य लोग भी गिरोह बनाकर संगठित रूप से अपराध कर रहे हैं। चिन्मयानंद ने मांग की कि इन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।

छात्रा के पिता और संजय पर दर्ज हैं आपराधिक मामले

चिन्मयानंद की ओर से दिए गए पत्र में दावा किया गया है कि छात्रा के पिता के खिलाफ पुवायां और बंडा में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुवायां में वर्ष 2015 में और बंडा में वर्ष 2016 में मामले दर्ज हुए हैं। वहीं संजय के खिलाफ वर्ष 2017 में हत्या की कोशिश का मामला चौक कोतवाली में और वर्ष 2014 में तिलहर थाने में घर में घुसकर गालीगलौज व धमकाने का मामला दर्ज है।

डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी “अभी मुझे इस आशय का कोई पत्र नहीं मिला है। वैसे अभी एसआईटी की जांच के दायरे में मामला चल रहा है।”