कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप और इसकी वजह से देशभर में लॉकडाउन की परेशानी से शीघ्र ही निजात मिलेगी। मंगलवार को सरकार ने इस बात के संकेत दिए कि अर्थव्यवस्था के जिस भी क्षेत्र में दिक्कत होगी, उसे दूर किए जाएंगे। इसकी शुरुआत आज हो चुकी है और आगे और भी घोषणाएं होंगी। इनमें बैंक लोन और ईएमआई से जुड़ी राहत भी शामिल हो सकती है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री ने उनकी अध्यक्षता में जो टास्क फोर्स बनाया है, उसकी नियमित बैठक हो रही है। टास्क फोर्स के समक्ष जो भी सुझाव आए हैं, उनमें से अर्थव्यवस्था के हित में जो भी बेहतर है, उसका चयन किया जा रहा है। इस बारे में संबंधित मंत्रालयों से विमर्श भी किया जा रहा है। यह प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि आज कुछ घोषणाएं कर दी गई हैं और यह अंतिम नहीं, बल्कि पहली घोषणा है। इसके बाद, जैसे-जैसे फैसले होते जाएंगे, जानकारी दी जाएगी।

असामान्य परिस्थित

रुपया के कमजोर होने से संबंधित सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह आसामान्य परिस्थिति है। इस पर रिजर्व बैंक नजर रख रहा है और जरूरत के हिसाब से कदम उठाया जा रहा है। इस पर मंत्रालय लगातार संबंधित पक्षों से मंत्रणा कर रहा है।

शेयर बाजार की दिनभर में तीन बार समीक्षा

शेयर बाजार में ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव से संबंधित सवाल पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बारे में भी सरकार सतर्क है। यही नहीं, इसकी दिन में तीन बार—सुबह, दोपहर और शाम को समीक्षा होती है। लेकिन सब कुछ एक झटके में नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि असामान्य परिस्थितियों में व्यावहारिक होना बहुत जरूरी है।

पैकेज पर चल रहा है विचार

वित्त मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि अर्थव्यवस्था के चाहे वह फॉर्मल सेक्टर हो या इन्फॉर्मल, सभी की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। जहां तक पैकेज की बात है तो उस पर भी विचार किया जा रहा है। समय आने पर उसकी भी घोषणा की जाएगी।