राजद के दौरान स्कूलों-पंचायत भवनों में बना आइसोलेशन सेंटर’

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पूरे देश में कोरोना वायरस फैल रहा है। इसी बीच दिल्ली-मुंबई से बहुत सारे प्रवासी बिहार लौटे हैं, जिनसे कोरोना का संक्रमण फैलने का भी खतरा है। ऐसे में बिहार सरकार द्वारा इन लोगों को कुछ दिन आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था की गई है। बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने ट्वीट कर कहा है कि पिछले 15 सालों में बिहार में जो स्कूल और पंचायत भवन बने हैं, उसका फायदा हमें कोरोना से निपटने में मिल रहा है। बिहार लौटे प्रवासियों के लिए स्कूलों और पंचायत भवनों में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। वह बोले कि उन्हें स्कूलों में लगभग 27,000 लोगों के रहने की सूचना मिली है।

’15 साल पहले संजय झा किस स्कूल में पढ़ते थे’

जल संसाधन मंत्री संजय झा के इस ट्वीट पर कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जदयू नेता संजय झा के लिए देश 15 साल पहले ही आजाद हुआ था। 15 साल पहले संजय झा और उनके परिवार किस स्कूल में पढ़ते थे, उन्हें यह भी बताना चाहिए। उनके नेता नीतीश कुमार भी 15 साल पहले बने स्कूल और कॉलेज से ही पढ़े हैं। प्रेमचंद मिश्रा ने यह भी कहा कि जदयू नेता को बयानबाजी के बजाय यह बताना चाहिए कि जिन स्कूलों में या फिर पंचायत भवन में लोगों को रखा गया है, वहां की व्यवस्था कैसी है। अगर सारी व्यवस्था ठीक है तो बताना चाहिए की वहां लोग तोड़-फोड़ क्यों कर रहे हैं।

‘राजद के दौरान स्कूलों-पंचायत भवनों में बना आइसोलेशन सेंटर’

स्कूलों और पंचायत भवनों पर जेडीयू-कांग्रेस के बीच हो रही राजनीतिक बहस में आरजेडी भी कूद पड़ी है। उसका कहना है कि नीतीश के 15 साल के राज में बिहार में कुछ नहीं हुआ। आज जिन स्कूलों और पंचायत भवनों में आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है वो राजद के 15 वर्षों के शासनकाल के हैं। आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए ना तो बिहार के अस्पताल में जरूरी उपकरण हैं, ना ही केंद्र की सरकार मुहैया करा रही है।