SC : किसी कागज़ पर लिख देने से विदेशी नहीं हो जाते राहुल गांधी

0
18

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता के मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट स्पष्ट कहा कि किसी एक कागज़ पर  लिखा होने से राहुल गांधी को विदेशी नहीं माना जा सकता. बता दें कि गृह मंत्रालय ने भी राहुल से उनकी नागरिकता के सवाल पर नोटिस देकर स्प.ष्टीकरण मांगा है

कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को राहुल गांधी की नागरिकता के बारे में पता कब चला. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ इसलिए कि कोई व्यक्ति एक कागज ब्रिटिश के रूप में अपनी नागरिकता नोट करता है, इसका मतलब यह नहीं कि वह ब्रिटिश नागरिक बन जाता है. याचिकाकर्ता ने कहा कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कौन देश का प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता है. देश के 130 करोड़ लोगों में हर कोई प्रधानमंत्री बनना चाहता है.

गृह मंत्रालय ने भी भेजा नोटिस
राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता पर सवाल उठने के बाद गृह मंत्रालय ने बीते मंगलवार को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा था. इससे पहले बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने सोमवार को राहुल की नागरिकता और शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए गृह मंत्रालय को चिट्ठी भेजी थी, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया था. मंत्रालय ने नोटिस में राहुल गांधी से इस मामले में तथ्य पेश करने के लिए कहा है. राहुल को इस नोटिस का 15 दिन के भीतर जवाब देना है. इस नोटिस के बाद कांग्रेस ने मामले से जुड़े कुछ कागजात सोशल मीडिया पर जारी किए थे.

राजनाथ ने क्या कहा था?
राहुल गांधी को नोटिस देने के मामले से जुड़े एक सवाल के जवाब में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि जब एक सांसद किसी मसले पर मिनिस्ट्री को चिट्ठी लिखता है या सवाल करता है तो ऐसे में उसका संधान करता पड़ता है. ये कोई गंभीर बात नहीं है एक सामान्य प्रक्रिया है.

क्या है आरोप?
स्वामी का दावा है कि साल 2003 में ब्रिटेन में बैकऑप्स नाम की एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन हुआ था. इस कंपनी के निदेशक कथित तौर पर राहुल गांधी है और इसका रजिस्टर्ड पता 51 साउथगेट स्ट्रीट, विंचेस्टर, हैंपशायर SO23 9EH है. इसी कंपनी ने साल 2006 में जो रिटर्न फ़ाइल किया है उसमें राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया है. कंपनी बंद करने के लिए जो एप्लीकेशन दी गई थी उसमें भी राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया है.