रेड-ग्रीन और ऑरेंज ज़ोन में बंटे देश के जिले

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के प्रभाव के आधार पर देश के 736 जिलों को तीन कैटेगरी में बांटा है. रेड, ऑरेंज और ग्रीन ज़ोन में बांटे गए इन जिलों में खास निगरानी रखी जा रही है. चीन के वुहान शहर को इसी तरह रेड, ऑरेंज और ग्रीन तीन जोन में बांटा गया था.

साल 2020 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल 736 जिले हैं. इनमें से रेड जोन में 170 जिले, ऑरेंज जोन में 207 जिले और ग्रीन जोन में 359 जिले रखे गए हैं.

इनमें रेड और ऑरेंज जोन में कोरोना वायरस का कंटेनमेंट प्लान लागू होगा. वहां किसी तरह की आर्थिक गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी. वहीं, ग्रीन जोन में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्यता के साथ आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों की इजाजत मिलेगी. 28 दिन तक कोरोना का एक भी मरीज सामने नहीं आने के बाद ऑरेंज जोन को ग्रीन में तब्दील कर दिया जाएगा.

रेड जोन और ऑरेंज जोन में क्या फर्क ?

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, रेड और ऑरेंज जोन में काफी बड़ा फर्क है. रेड जोन में वे इलाके शामिल हैं, जहां कोरोना के हॉटस्पॉट हैं. ऑरेंज जोन में कोई भी हॉटस्पॉट एरिया नहीं है.

इसके साथ ही रेड जोन में कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां कोरोना का आउटब्रेक हुआ है. ऐसे जिलों की संख्या 123 है. इसके अलावा कुछ रेड जोन वाले जिले में कोरोना के बहुत सारे मरीज सामने आए हैं. वहां कलस्टर बन गए हैं. ऐसे जिलों की संख्या 47 हैं. यहां नियमों को पहले से और सख्त किया गया है.

रेड जोन

  • रेड जोन वाले इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है, यहां किसी को भी बाहर आने-जाने की परमिशन नहीं होगी.
  • खाने-पीने और जरूरी सामानों की डिलेवरी आपको घर पर ही मिलेगी.
  • घर-घर सर्वे कर कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच की जाएगी.
  • बफर जोन में आर्थिक गतिविधियों पर रोक रहेगी, लेकिन जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी.

ऑरेंज जोन

  • अगर आपका जिला ऑरेंज जोन में आता है, तो आपको कुछ राहत मिल सकती है. आप जरूरी सामान लाने के लिए एक निश्चित समय पर घर से बाहर निकल पाएंगे, लेकिन, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखना होगा.
  • ऐसे इलाकों में फसल की कटाई समेत कुछ गतिविधियों की छूट रहेगी.
  • हालांकि, मजदूर उसी इलाके के ही काम पर लगाए जा सकेंगे. बाहर के इलाकों से मजदूरों के बाने पर पाबंदी रहेगी.

ग्रीन जोन

  • ग्रीन जोन में ऐसे जिले रहेंगे, जिनमें अब तक कोई पॉजिटिव केस नहीं आया है. ऐसे इलाके में लोगों को बाकी दोनों के मुकाबले ज्‍यादा छूट रहेगी. ग्रीन जोन इलाकों में छोटे और मझोले उद्योग धंधे अपना काम शुरू कर पाएंगे.
  • हालांकि, काम शुरू करने वाले उद्योगों को कर्मचारियों की रहने की व्यवस्था परिसर में ही करनी होगी. वहीं, लोग अपने जरूरी कामों के लिए बाहर निकल सकेंगे. इन इलाकों के लोग अपने क्षेत्र में घूम सकेंगे लेकिन बाहर के लोग अंदर नहीं आएंगे.