सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव पे रोक लगाने की याचिका को ख़ारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को होने जा रहे राज्यसभा चुनावों पर रोक लगाने की गुजरात कांग्रेस के नेता परेश धनानी की याचिका को खारिज कर दिया. ऐसे में गुजरात में शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव होने का रास्ता साफ हो गया है. गुजरात में विपक्ष के नेता धनानी ने चुनाव में पोस्टल बैलेट के इस्तेमाल को चुनौती दी थी. अदालत ने 19 जून के चुनाव पर रोक लगाने से इनकार करते हुए चार हफ्ते बाद इस मामले को तय किया. धनानी उन 17 कांग्रेस विधायकों में से एक हैं जिन्हें राज्यसभा से पहले दल-बदलने के डर से रिजॉर्ट या फार्महाउस में रखा गया है.

अभी तक, आठ कांग्रेस विधायक इस्तीफा दे चुके हैं जिसके बाद विधानसभा में इनकी संख्या 65 हो गई है. ये संख्या दो राज्यसभा सीटें जीतने के लिए पर्याप्त नहीं है जिन पर पार्टी ने अपने उम्मीदवारों को खड़ा किया है.

पांच उम्मीदवार

गुजरात में चार सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव आवश्यक हो गया क्योंकि भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला किया, जिससे अब कुल उम्मीदवारों की संख्या पांच हो गई. जहां कांग्रेस ने शक्तिसिंह गोहिल और भरतसिंह सोलंकी को उतारा है तो वहीं भाजपा ने अभय भारद्वाज, रमिलाबेन बारा और नरहरि अमीन को उम्मीदवार बनाया है.

गुजरात की 182 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के 103 विधायक हैं जबकि विपक्षी कांग्रेस के अब सिर्फ 65 विधायक हैं. जहां भारतीय आदिवासी पार्टी के दो विधायक हैं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक विधायक हैं. एक विधायक जिग्नेश मेवाणी निर्दलीय हैं जबकि 10 सीटें खाली हैं, दो कोर्ट केस के चलते और बाकी आठ पर विधायकों ने इस्तीफे दे दिये हैं.

दोनों पार्टी ने अपने विधायकों संग कीं बैठकें

इससे पहले बुधवार को गुजरात में राज्यसभा चुनाव से दो दिन पहले सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस ने अपने विधायकों के साथ बैठकें कीं. भाजपा का बैठक-सह-प्रशिक्षण सत्र गांधीनगर में आयोजित किया गया. इसमें पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों भूपेंद्र यादव और आशीष शेलार ने भी भाग लिया.

उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा, ”हालांकि तीन सीटों पर हमारी जीत पक्की है, लेकिन राज्यसभा चुनाव से पहले विधायकों की बैठक बुलाना पार्टी की परंपरा है. हमारे केंद्रीय पर्यवेक्षक विधायकों को मतदान प्रक्रिया के बारे में आवश्यक मार्गदर्शन देंगे.” उन्होंने कहा, “हमारे सभी विधायक मौजूद हैं और वे मतदान (19 जून को) होने तक गांधीनगर नहीं छोड़ेंगे.”

विपक्षी कांग्रेस ने भी अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास एक पांच-सितारा होटल में अपने करीब 60 विधायकों के लिए इसी तरह का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया.