“30 जून तक सामूहिक कार्यक्रमों की इजाजत नहीं दी जाएगी”

सीएम योगी ने शुक्रवार की शाम प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान सीएम ने निर्देश दिए कि 30 जून तक प्रदेश में किसी भी सार्वजनिक और सामूहिक कार्यक्रम की अनुमति न जाए। सीएम के निर्देश को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रशासन में कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है। जिलाधिकारियों को इस संबंध में कोई लिखित निर्देश नहीं मिला है। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भी इस संबंध में विस्तार से कुछ नहीं बताया गया है।

30 जून तक किस तरह के कार्यक्रमों की इजाजत नहीं दी जाएगी

30 जून तक किस तरह के कार्यक्रमों की इजाजत नहीं दी जाएगी, जिन लोगों ने शादी-पार्टी के लिए गेस्ट हाउस, होटल्स की बुकिंग करा ली है, क्या उन्हें उनके पैसे वापस मिलेंगे, इस तरह के सवालों पर सूबे के जिलों में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। राजधानी लखनऊ के डीएम के सूचना अधिकारी सिद्धार्थ दीक्षित के मुताबिक, इस संबंध में जिले में सीएम के निर्देशों का पालन किया जाएगा लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि सीएम योगी की ओर से इस संबंध में निर्देश क्या हैं, तो उन्होंने चुप्पी साध ली।

अन्य जिलों में भी नहीं कोई तैयारी

राजधानी लखनऊ के पड़ोसी जिले सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी में भी सीएम के निर्देशों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं है। जिला प्रशासन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अभी तक इस संबंध में शासन की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं। वहीं जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर भी किसी तरह का आदेश जारी नहीं किया है। सीतापुर जिला प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि धारा-144 लगी हुई है, ऐसे में वैसे भी किसी समारोह की इजाजत नहीं है। जब उनसे यह पूछा गया कि तो क्या यह मान लिया जाए कि सूबे में 30 जून तक धारा-144 लागू रहेगी, तो वह गोलमोल जवाब देते नजर आए।

कर ली थी बुकिंग, अब पैसे डूबने का डर

आपको बता दें कि शादी-पार्टी के लिए मैरिज हॉल, गेस्ट हाउस, होटल इत्यादि की बुकिंग महीनों पहले से हो जाती है। इसके लिए लोग अच्छी कीमत भी अडवांस बुकिंग के लिए जमा कर देते हैं। अब जब सीएम योगी की ओर से 30 जून तक सूबे में किसी भी तरह के आयोजन की अनुमति देने से रोक लगा दी गई है तो लोगों को उनके पैसे डूबने का डर सता रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार को इस तरह के निर्देश देने के साथ ही बुकिंग के लिए जमा किए गए पैसे वापस करने के भी निर्देश देने चाहिए।