भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मदद की पेशकश पर भारत ने एकबार फिर दोहराया है कि कश्मीर के मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की भूमिका की कोई गुंजाइश नहीं है। उल्लेखनीय है कि दावोस में विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन से इतर पाक पीएम इमरान खान ने ट्रंप से मुलाकात में कश्मीर का मुद्दा उठाया था। ट्रंप ने कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहे हैं। उन्होंने एकबार फिर इस विवाद को सुलझाने में मदद की पेशकश की थी।

बता दें कि भारत का हमेशा से यह रुख रहा है कि कश्मीर का मसला नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है तथा किसी तीसरे पक्ष द्वारा मध्यस्थता या हस्तक्षेप का कोई प्रश्न नहीं उठता। पिछले पांच महीने में ट्रंप की ओर से कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए दोनों देशों की मदद की यह चौथी पेशकश है। सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत का स्पष्ट और सतत रुख रहा है कि कश्मीर पर किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है। ट्रंप ने यह पेशकश ऐसे समय में की है जब वह अगले महीने ही भारत का दौरा कर सकते हैं।

इमरान का कश्मीर राग

इमरान ने ट्रंप से मुलाकात में एकबार फिर कश्मीर का राग अलावा और कहा, ‘पाकिस्तान-भारत का विवाद हमारे लिए एक बड़ा मुद्दा है और हम अमेरिका से तनाव कम करने में अपनी भूमिका निभाने की उम्मीद करते हैं क्योंकि कोई और देश यह नहीं कर सकता।’ इस पर ट्रंप ने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान के बीच जो चल रहा है… अगर हम मदद कर सकते हैं, तो हम निश्चित तौर पर करना चाहेंगे। हमने इस पर करीबी नजर बना रखी है ।’ 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त कर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है।

पाक जाने के सवाल को टाल गए ट्रंप

ट्रंप के अगले महीने पहला आधिकारिक भारत दौरा करने की संभावना है। वहीं, जब वह इमरान के साथ दावोस में मीडिया को संबोधित कर रहे थे तो एक पत्रकार ने उनसे पाक जाने का सवाल पूछ डाला। पत्रकार ने कहा कि क्या वह भारत दौरे के समय पाक भी जाना चाहेंगे? इस पर ट्रंप ने कहा कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से दावोस में मिल रहे हैं। यानी उन्होंने स्पष्ट तौर पर यह कह दिया कि वह निकट भविष्य में पाकिस्तान नहीं जा रहे। हालांकि, ट्रंप के बयान के बाद भी पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जल्द इस्लामाबाद आएंगे। बता दें कि इसके पहले उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा ने भारत दौरे के तुरंत बाद पाकिस्तान की यात्रा की थी।