चंडीगढ़

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 से ऐन पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पार्टी पर चुनाव के लिए टिकटों की खरीद-बिक्री का आरोप लगाया. बता दें कि अशोक तंवर की काफी दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से तनातनी चल रही थी. हाल ही में अशोक तंवर से राज्य की कमान छीनकर कुमारी शैलजा को दे दी गई थी. इसके विरोध में उन्होंने पार्टी में मिले सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. बीते दिनों ही उन्हें राज्य में कांग्रेस का स्टार प्रचारक घोषित किया गया था, लेकिन शनिवार को बड़ा फैसला लेते हुए तंवर ने पार्टी छोड़ दी. हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अशोक तंवर का इस्तीफा देना कांग्रेस के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है.

समर्थकों को साथ दिल्ली में किया था विरोध-प्रदर्शन

बता दें कि कुछ दिन पहले अशोक तंवर  ने अपने समर्थकों के साथ दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर विरोध-प्रदर्शन किया. उसके बाद अशोक तंवर और उसके समर्थकों ने सभी पदों से इस्तीफों की झड़ी लगा दी. हरियाणा कांग्रेस के एक और पूर्व अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने अशोक तंवर की अनदेखी को बिल्कुल गलत बताया. उन्होंने कहा कि जब परिवार में ऐसा होता है तो नुकसान उठाना पड़ता है.

हरियाणा में 21 अक्टूबर को है चुनाव, 24 को काउंटिंग

बता दें कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार 4 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने का काम खत्म हो गया है. जिसके बाद शनिवार पांच अक्टूबर को चुनाव आयोग द्वारा नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. उम्मीदवार सात अक्टूबर तक अपने नाम वापस ले सकते हैं. हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 21 अक्टूबर को मतदान होगा. इसके तीन दिन बाद यानी 24 अक्टूबर को नतीजे आएंगे.