दिल्ली पुलिस का बाबा हरिदास नगर थाना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए नजीर बन गया है। इस थाने में क्राइम पूरी तरह कंट्रोल है। थाने में दर्ज हुए 90 फीसदी केसों को खुलासा हो चुका है। डिटेक्शन भी इस थाने की अच्छी है। साथ ही केसों की जांच में गुणवत्ता बरती जाती है। इलाके की जनता को भी बाबा हरिदास नगर थाने की पुलिस से कोई शिकायत भी नहीं है। जी हां ये कोई रामराज्य का थाना नहीं बल्कि ये दिल्ली पुलिस का दिल्ली व हरियाणा बॉर्डर पर स्थित बाबा हरिदास नगर थाना है। थाना पुलिस का दावा है कि उनके थाने में हर शिकायत पर मामला दर्ज होता है। अन्य थानों की तरफ किसी भी शिकायतकर्ता को थाने से नहीं भगाया जाता। बाबा हरिदास नगर थाना दिल्ली-हरियाण बॉर्डर होने के वजह से यहां आए दिन गैंगवार होती है। इसके बावजूद बाबा हरिदास नगर थाना दिल्ली पुलिस के अन्य थानों के लिए नजीर बन गया है।

24 घंटे सातों दिन थाने में रहते हैं एसएचओ

गृह मंत्रालय की स्टडी में द्वारका जिले के इस बाबा हरीदास नगर थाने को पूरे उत्तर भारत में छठा स्थान मिला है। दिल्ली पुलिस के कुल 215 थानों में से बाबा हरिदास नगर थाने को पहला स्थान मिला है। खास बात ये है कि बाबा हरिदास नगर थाना पोटा कैबिन में चलता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोटा कैबिन से कुछ नहीं होता बल्कि स्थानीय लोगों के साथ समन्वय व उनकी सुरक्षा प्राथमिकता है। नजफगढ़ एसीपी विजय सिंह यादव ने बताया कि बाबा हरिदास नगर थाना 45 स्क्वायड किलोमीटर में फैला हुआ है।

बाबा हरिदास नगर थाने में पांच दिसंबर तक आईपीसी के 1043 केस दर्ज हुई हुए है। उन्होंने बताया बाबा हरिदास नगर थाना पुलिस ने 90 केसों को सुलझाया लिया है। थाने में डकैती, हत्या, रॉबरी व दुष्कर्म के केसों को सुलझाने का प्रतिशत 100 फीसदी है। एीसीपी विजय सिंह यादव का कहना है कि बाबा हरिदास को देश के सभी थानों में जो छठा व दिल्ली में पहला स्थान मिला है। उसके बहुत सारे कारण हैं। यहां अपराध पूरी तरह काबू में है।

गुणवत्तापूर्ण जांच, अवैध शराब व हथियारों को पकडऩा, मीडिया की सुर्खिया बने महत्वूर्ण कसों को सुलझाना, पेट्रोलिंग व पिकेट चेङ्क्षकग, पुलिस व पब्लिक के बीच तालमेल, पिछले एक वर्ष से लॉ एण्ड ऑर्डर का मुद्दा नहीं बना, एसीपी विजय सिंह यादव द्वारा शिकायत निवारण प्रणाली तैयार करना, थानाध्यक्ष द्वारा थाने में 24 दिन व सातों दिन रहना, एसीपी सब डिवीजन द्वारा लगातार पेट्रोलिंग करना, डीसीपी व एसीपी द्वारा अधिनस्थ पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करना व पुरस्कार देना आदि प्रमुख कारण रहे हैं। कोई भी शिकायतकर्ता थाने से वापस नहीं जाता है।

30 वर्ष पुराने सब्जी मंडी को हटाया

बाबा हरिदास नगर थाना पुलिस का दिल्ली में पहला थाना बनने का मुख्य कारण अतिक्रमण को हटाना है। नजफगढ़ टी पाइंट पर झरौदा रोड पर 30 वर्षों से सब्जी मंडी लगती थी। इस कारण यहां सड़क दुर्घटना होती थी और जाम लगता था। बाबा हरिदास नगर थाना पुलिस ने इस अवैध रूप से लग रही इस सब्जी मंडी को हटवाया। सब्जी मंडी के हटने से स्थानीय लोग काफी खुश हैं।

थानाध्यक्ष हमेशा थाने में रहता है

बाबा हरिदास नगर थाने के थानाध्यक्ष छोटूराम मीणा 24 घंटे सातों दिन थाने के अंदर ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह जयपुर, राजस्थान के रहने वाले हैं। दिल्ली में उनका कोई घर नहीं है। इस कारण वह हमेशा थाने में ही रहते हैं। छोटूराम मीणा ने बताया कि उनकी कोशिश रहती है कि उनके थाने में आया कोई शिकायतकर्ता वापस न जाए। वह थाने से खुश होकर जाए।

वर्ष 2010 में बना था बाबा हरिदास नगर थाना

बाबा हरिदास नगर थाना वर्ष 2010 में बना था। पहले ये झरौदा रोड, नजफगढ़ में किराए की बिल्डिंग में चल रहा था। 10 जनवरी, 2014 को थाना तत्कालीन वाली जगह पर शिफ्ट हो गया। फिलहाल ये थाना पोटा कैबिन में चल रहा है। इस थाने में कुल 216 स्फाट की जरूरत है। मगर थाने में अभी 117 पुलिसकर्मी ही है। इंस्पेक्टर तीन हैं। इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी पीएसओ के रूप में ड्यूटी कर रहे हैं।

पोटा कैबिन के थाने में मिलती है सभी सुविधाएं

पोटा कैबिन में चल रहे बाबा हरिदास नगर थाने में शिकायत करने आने वाले लोगों के लिए सभी सुविधाएं हैं। आरओ वाला पानी, स्वच्छ टॉयलेट व बैठने के लिए कुर्सियां हैं। हेल्प डेक्स बनी हुई है। कोई भी व्यक्ति मिलने आता है तो पुलिसकर्मी उसे तुरंत अटेंड करते हैं।

इस थाने में महिलाओं के प्रति अपराध नहीं होते

बाबा हरिदास नगर थाना इलाके में महिलाओं के प्रति अपराध बहुत ही कम हुआ है। महिलाओं के प्रति जो अपराध हुआ वह तुरंत सुलझा लिया गया है।