नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और प्रस्तावित एनआरसी (NRC) के खिलाफ विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से बुलाए गए बिहार बंद (Bihar Bandh) के दौरान शनिवार को बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ हुई और रेल एवं सड़क यातायात बाधित रहा. बांस के डंडे और पार्टी के झंड़े हाथ में लिए हुए बंद समर्थक सर्द हवाओं की परवाह किए बगैर राज्य के सभी जिलों में बस अड्डों, रेल की पटरियों और अन्य स्थलों पर एकत्रित हो गए. वे बंद आहूत करने के लिए विभिन्न स्थानों में रेल की पटरियों पर बैठ और बस टर्मिनलों को अवरुद्ध कर दिया.

प्रदर्शनकारियों ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर और पटना के बाहरी इलाकों में बंद आहूत करने के लिए सड़कों पर चल रही टैक्सियों तथा ऑटो की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए और साइकिल रिक्शा को क्षतिग्रस्त कर दिया. कई स्थानों पर बच्चों समेत बंद समर्थक अपने अंतर्वस्त्र ही पहने रहे. बच्चों की आयु 10-15 साल से अधिक नहीं थी.

RJD कार्यालय से डाक बंगला क्रॉसिंग तक तेजस्वी का मार्च

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने पटना में पार्टी कार्यालय से डाक बंगला क्रॉसिंग तक एक बड़े जुलूस के साथ मार्च किया जिससे व्यस्त फ्रेजर रोड तथा बेली रोड पर यातायात थम-सा गया. वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरएसएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में मार्च में हिस्सा लिया.

पटना में कुछ स्थानों पर बंद आहूत करवाने के हथकंड़ों के लिए पहचाने जाने वाले पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लोगों को गुलाब देकर अपनी छवि सुधारने की कोशिश की और उनसे राष्ट्र हित में बंद का समर्थन करने का अनुरोध किया.

बंद को कांग्रेस और आरएलएसपी का समर्थन

इस बंद को कांग्रेस तथा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) जैसे दल भी समर्थन दे रहे हैं. मुख्य विपक्षी दलों द्वारा बुलाए बिहार बंद से महज दो दिन पहले वाम दलों ने राज्यव्यापी बंद बुलाया था.नीतीश कुमार बोले-बिहार में लागू नहीं होगा NRC

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया है कि राज्य में एनआरसी लागू नहीं की जाएगी लेकिन इसके बावजूद बंद के पीछ के तर्क के बारे में पूछे जाने पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, ‘राज्य सरकारों द्वारा ऐसे आश्वासन देने का कोई मतलब नहीं है. हमें केंद्र को ऐसा कदम उठाने से रोकना चाहिए.’

आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह ने दावा किया कि सभी विपक्षी दल लोकतंत्र को बचाने के लिए बंद का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का आश्वासन आधा-अधूरा है. जेडीयू ने सीएए का समर्थन क्यों किया?

उत्तर बिहार के सबसे बड़े शहर मुजफ्फरपुर में आरजेडी और कांग्रेस नेता बंद आहूत करने के लिए राजमार्गों, प्रमुख सड़कों और रेलवे क्रॉसिंग पर बैठ गए. ब्रह्मपुर जैसे सथानों पर उनकी दुकानदारों के साथ झड़प हुई जिन्होंने दुकानें बंद करने से इनकार कर दिया था.

मुंगेर, भागलपुर, बेगूसराय, जहानाबाद और नवादा जैसे जिलों से भी बंद के कारण सामान्य कारोबार और यातायात बाधित होने की खबरें हैं. आरा से प्राप्त एक खबर के मुताबिक बंद समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हुई।

शनिवार रहने के कारण स्कूल, कॉलेज और ज्यादातर सरकारी कार्यालय बंद रहे.