पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 3830 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त और पहचान की है। इनमें निजी जेट और यॉट भी शामिल हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि वह हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल), इसके प्रवर्तकों, पीएमसी बैंक के अधिकारियों व अन्य की संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। जिन संपत्तियों की पहचान की गई है, उन्हें जल्द ही मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत जब्त किया जाएगा।

एचडीआईएल के चेयरमैन राकेश वधावन की संपत्ति जब्त

ईडी अधिकारियों के मुताबिक, जब्त, फ्रीज और पहचान की गई चल और अचल संपत्तियों की कुल कीमत 3830 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इनमें मुंबई में स्थित 80 संपत्तियों की कीमत शामिल नहीं है। जब्त की गई संपत्तियों में एचडीआईएल के चेयरमैन राकेश वधावन की रॉल्स रॉयस, बेंटले और रेंज रोवर समेत दस कारें, वधावन के स्वामित्व वाली प्रिवलेज एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड के दो विमान भी जब्त किए हैं।

इसके अलावा, अब तक 66 करोड़ रुपये की ज्वेलरी भी जब्त की जा चुकी है। ईडी का कहना है कि अपराध से संबंधित शेष राशि का पता लगाने के लिए जांच जारी है। ईडी ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की एफआईआर के आधार पर केस दर्ज किया था, जिसके बाद इस महीने की शुरुआत में कई जगह छापेमारी की गई थी।

आरबीआई ने निकासी सीमा 40 हजार की

भारतीय रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक से अगले छह महीने में रकम निकासी की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दी है। अभी यह सीमा 25000 रुपये थी। पीएमसी बैंक में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय बैंक ने इस बैंक के ग्राहकों के लिए नकदी निकासी की सीमा तय करने के साथ ही बैंक पर कई तरह के अन्य प्रतिबंध लगाए हैं। इस फैसले के बाद बैंक के करीब 77 फीसदी ग्राहक अपना पूरा अकाउंट बैलेंस निकाल सकेंगे।

पीएमसी मामले पर बारीकी से नजर रख रही सरकार: वित्तमंत्री

केंद्र सरकार पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले से जुड़ने घटनाक्रम पर करीबी से नजर रख रही है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि आरबीआई गवर्नर ने भरोसा दिया है कि पीएमसी बैंक के ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी। जल्द से जल्द उनकी परेशानियों को दूर किया जाएगा।

मामले की बारीकी से निगरानी की जा रही है। वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार जमा पर गारंटी की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाने पर विचार कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसे संसद के माध्यम से किया जाएगा।

सीतारमण ने कहा कि उन्होंने आरबीआई गवर्नर के साथ इस बात पर चर्चा की क्या एक लाख रुपये की जमा गारंटी को तुरंत जारी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि , गवर्नर ने सूचित किया है कि बैंक बंद होने के बाद ही जमा गारंटी जारी की जा सकती है।