केंद्र सरकार (Central Government) ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) को लेकर एक खास नोटिफिकेशन जारी किया है. सरकार ने इस नोटिफिकेशन का नाम पब्लिक प्रॉविडेंट फंड स्कीम 2019 (PPF Scheme 2019) रखा है, जिसे तत्काल रूप से प्रभावी कर दिया गया है. केंद्र सरकार द्वारा इस बदलाव के बाद कोई भी व्यक्ति फॉर्म 1 के तहत एक एप्लीकेशन दायर कर PPF अकाउंट खोल सकता है. कोई भी व्यक्ति अपने प्रत्येक नाबालिग बच्चे के नाम पर भी पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है. इसमें वो लोग भी शामिल हो सकते हैं, जो गार्जियन के तौर पर बच्चों की जिम्मेदारी संभालते हैं. आइए जानते हैं इन सभी बदलावों के बारे में.

  •  PPF डिपॉजिट लिमिट: एक वित्तीय वर्ष के दौरान इस खाते में आप कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अधिकतम डिपॉजिट लिमिट (Deposit Limit) अपने खाते के साथ नाबालिग के खाते को मिलाकर होगा.

Ended PPF अकाउंट: अगर किसी व्यक्ति ने यह अकाउंट खोलने के पहले साल कम से कम 500 रुपये जमा किया और फिर उसके बाद अगले साल अगर कोई रकम नहीं जमा किया है तो इस खाते को बंद या डिस्कॉन्टिन्यूड खाता माना जाएगा.

PPF Account Revival: बंद खाते को रिवाइव करने के लिए 50 रुपये पेनाल्टी और हर साल के ​न्यूनतम रकम यानी 500 के आधार पर एरियर जमा करना होगा.

  • ​अगर किसी बंद खाते में कुछ पैसे पहले से हैं और इसे मैच्योरिटी से पहले रिवाइव नहीं किया गया है तो इसके बावजूद भी पुरानी रकम पर ब्याज मिलता रहेगा. इस पर मिलने वाला ब्याज समय-समय के साथ नोटिफाई किए गए ब्याज के आधार पर ही होगा.
  •  अगर किसी व्यक्ति का पीपीएफ अकाउंट निष्क्रीय है तो वह नया पीपीएफ अकाउंट नहीं खोल सकता है. इसके लिए उन्हें पुराने अकाउंट को बंद करना होगा

पीपीएफ अकाउंट में ब्याज को हर साल के ​अंत में खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है. मौजूदा समय में पीपीएफ अकाउंट पर ब्याज दर 7.9 फीसदी की दर से तय है. यह ब्याज हर माह की 5 तरीख से पहले जो सबसे न्यूनतम रकम जमा होगी, उसी के आधार पर तय होगी. ब्याज को साल के अंत में ही क्रेडिट किया जाएगा.

  •  PPF Withdrawal: पीपीएफ अकाउंट खोलने वाले साल के बाद 5 साल तक इस खाते से कोई रकम नहीं निकाली जा सकती है. 5 साल की इस अवधि के पूरा होने के बाद पीपीएफ अकाउंट से विड्रॉल किया जा सकता है. इसके लिए फॉर्म 2 भरना होगा. निकासी की रकम मौजूदा रकम की 50 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए.
  •  मैच्योरिटी के बाद पीपीएट अकाउंट का एक्सटेंशन: पीपीएफ अकाउंट की 15 साल की मैच्योरिटी पूरी होने के बाद इसे 5-5 साल की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है. इसके लिए मैच्योरिटी पूरा होने के एक साल पहले ही बढ़ाना होगा.
  •  पीपीएफ अकाउंट को किसी भी कोर्ट या आदेश द्वारा कर्ज या अन्य लायबिलिटी के समय जब्त नहीं किया जा सकता है.