BUDGET 2021-2022 : जानें निर्मला सीतारमण के बजट में आपके लिए क्या कुछ खास…

नई दिल्ली (hdnlive) : वित्त वर्ष 2021-22(Budget 2021-2022) के ​लिए आज एनडीए सरकार(NDA) बजट पेश कर दिया है. कोरोना काल से पहले ही सुस्ती पड़ी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए इस बजट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था. कोविड-19 वायरस की वजह से देशभर में लगाए गए लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है. जून 2020 तिमाही में साल-दर-साल आधार पर ​आर्थिक विकास दर – 23.9 फीसदी पर लुढ़क गया था. इस बार के बजट में कई ऐसे बड़े ऐलान की उम्मीद की जा रही है ताकि आम आदमी से लेकर कारोबारी जगत को राहत मिल सके. साथ ही अर्थव्यवस्था के सभी पहिये भी रफ्तार पकड़ सकें. कृषि कानूनों को लेकर विरोध के बीच लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया.

खेती-किसान के लिए ऐलान(for farmers): वित्त मंत्री ने 2021-22 के लिए कृषि बजट में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. ​नये वित्त वर्ष में इस सेक्टर के लिए बजट को 1.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है, जिसके बाद अब यह 16.5 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. चालू वित्त वर्ष में यह 15 लाख करोड़ रुपये पर था.

ब्याज सीमा छूट बढ़ी(interest rate of housing loan): सरकार ने किफायती हाउसिंग पर ब्याज सीमा छूट को एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है. अफोर्डेबल हाउसिंग और रेंटल हाउसिंग को जुलाई 2019 में 1.5 लाख के ब्याज छूट की राहत दी गई थी. ऐसे में अगर आप घर खरीद रहे और मार्च 2022 तक लोन लेते हैं तो आपको इस छूट का लाभ मिल सकेगा.

75 साल से ज्यादा उम्र के टैक्स जरूरत नहीं (relief for old people on ITR) : 75 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनधारकों को इनकम टैक्स रिटर्न्स भरने की जरूरत नहीं होगी. छोटे टैक्सपेयर्स के लिए फेसलेस डिस्प्युट रिजॉलुशन मैकेनिज्म को बढ़ाया जाएगा. टैक्स इन्वेस्टिगेशन रिओपन करने की अवधि को 6 साल से कम कर 3 साल किया गया है.

जीडीपी का लक्ष्य 9.5 फीसदी (GDP for upcoming years) : सरकार ने वित्त वर्ष 2022 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य देश की जीडीपी का 9.5 फीसदी पर रखा है. साथ ही, व्यय लक्ष्य को 2 फीसदी बढ़ाकर 34.50 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की कुल देनदारी का अनुमान 12 लाख करोड़ रुपये पर है. वित्त वर्ष 2026 तक राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.5 फीसदी से कम करने का है.

सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स(social security): वित्त मंत्री ने गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स स्कीम लॉन्च करने का ऐलान किया. इनके लिए मार्जिन मनी की जरूरत को 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने का ऐलान किया है.

2022 में पूरे होंगे सभी विनिवेश(Disinvestment in 2022): अभी तक पेंडिंग पड़े सभी विनिवेश प्रोसेस को​ वित्त वर्ष 2022 में पूरा कर लिया जाएगा. इससे प्राप्त होने वाली रकम का लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये रखा गया है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि विनिवेश प्लान में एअर इंडिया और दो सरकारी बैंक शामिल है.

कोरोना संक्रमण वैक्सीन पर खर्च: कोरोना संक्रमण के प्रबंधन और नियंत्रण के मद्देनजर ऐलान किया कि कोरोना की वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपए अलॉट किए गए हैं. वित्त मंत्री ने संसद में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो और आवंटित किया जाएगा. इस दौरान वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि साल 2021-22 के लिए स्वास्थ्य सेक्टर को 2.38 लाख रुपये आवंटित होंगे. ऐसे में स्वास्थ्य बजट पिछले साल के मुकाबले 135 फीसदी बढ़ गया. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि पीएम आत्मनिर्भर स्व्स्थ्य भारत योजना पर 64,180 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है और इस साल मिशन पोषण 2.0 की होगी शुरुआत होगी.

उज्ज्वला स्कीम(ujjwala scheme ): उज्ज्वला स्कीम का लाभ 1 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचा जाएगा.

हाइड्रोजन एनर्जी मिशन को लॉन्च किया जाएगा. सरकार 100 नये जिलों को अगले 3 साल में सिटी गैस डिस्ट्रीब्युशन नेटवर्क से जोड़ेगी. एक स्वतंत्र गैस ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर सेटअप किया जाएगा.

इंश्योरेंस में एफडीआई (insurance FDI) : केंद्र सरकार इंश्योरेंस एक्टर में संशोधन कर एफडीआई की लिमिट 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी किया जाएगा.

कंपनीज एक्ट में संशोधन (company act): वित्त मंत्री ने कहा कि वो लोकसभा में कंपनीज एक्ट 2013 के लिए संशोधन का प्रस्ताव लेकर आएंगी. छोटी कंपनियों के लिए पूंजीकरण की लिमिट को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये तक किया जाएगा. इन छोटी कंपनियों के लिए कुल टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किा जाएगा.

बैंकों के पुनर्पूंजीकरण (Banks Recapitalization) : बैंकों के रिकैपिटलाइजेशन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिया जाएगा. सरकारी बैंक के बुक ठीक करने पर जोर दिया जाएगा. बैंकों में फंसे कर्ज के प्रबंधन के लिए सरकार एआरसी का गठन करेगी.

रेल मंत्रालय का आवंटन (Rail): वित्त वर्ष 2022 के लिए रेल मंत्रालय को 1,10,055 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा. इसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये कैपेक्स के लिए होगा.

डिस्कॉम्स के लिए ऐलान: वित्त मंत्री ने कहा बिजली वितरण कंपनियों को 3 लाख करोड़ रुपये की राहत दी जाएगी.

3500 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग (highway in Tamilnadu): इसके लिए सरकार 1.3 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी. केरल में भी 1,500 किलोमीटर के एक नेशनल हाईवे की योजना बनाई जा रही है. इसर पर 65,000 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा. भारत माला प्रोजेक्ट के लिए 13,000 किलोमीटर के रोड बनाए जाएंगे. मार्च 2022 तक 8,500 किलोमीटर का अतिरिक्त रोड अवार्ड किया जाएगा. अन्य इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की जा रही है.

वित्त वर्ष 2022 के लिए पूंजी व्यय 34.5 फीसदी बढ़कर 5.54 लाख करोड़ रुपये हुआ: राज्यों और ऑटोनॉमस बॉडीज को पूंजीगत व्यय के लिए 2 लाख करोड़ रुपये जारी किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यों के लिए एक मैकेनिज़्म तैयार किया जाएगा ताकि वे इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा खर्च कर सकें.

नेशनल इन्फ्रा पाइपलाइन : वित्त मंत्री ने कहा कि ​2021-22 का बजट 6 मुख्य खंभो पर तैयार हुआ है. यह स्वास्थ्य, फिजिकल व फाइनेंशियल कैपिटन व इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनक्लुसिव विकास, मानव पूंजी, इनोवेश व रिसर्च डेवलपमेंट, मिनिमम गर्वनेमेंट व ​मैक्सिमम गवर्नेंस है.

टेक्सटाइल पार्क बनाने का ऐलान (Text-tile): वित्त मंत्री ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर कहा कि इसमें भी डबल डिजिट ग्रोथ की जरूरत है. पीएलआई स्कीम के अलावा सरकार मेगा-इन्वेस्टमेंट टेक्सटाइल पार्क के लिए को लॉन्च करेगी.

पुराने वाहनों के लिए स्क्रैपेज पॉलिसी (old vehicles policy ): वाहनों की वजह से वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नई स्क्रैपेज पॉलिसी का ऐलान किया गया है. प्राइवेट वाहनों को 20 साल के बाद फिटनेस टेस्ट कराना होगा.

पीएम स्वास्थ्य भारत योजना (Pm health policy): इस योजना पर सरकार अगले 6 साल में 64,180 करोड़ रुपये खर्च करेगी.

स्वच्छ भारत मिशन (Clean India Mission): वित्त मंत्री ने कहा-सरकार 1,41,678 करोड़ रुपये के खर्च से अर्बन स्वच्छ भारत मिशन को लॉन्च कर रही है. अगले 5 साल में यह रकम खर्च की जाएगी.