दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्रद्धा एवं उत्साह से मनाया गुरु नानक देव जी का 551वां प्रकाश पर्व

नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पहली पातशाही साहिब श्री गुरु नानक देव जी (Shri guru nanak dev g) का 551वां प्रकाश पर्व पूरे श्रद्धा व उत्साह से मनाया। इस बार कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए कमेटी ने सभी एतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान में समागम आयोजित किये थे तांकि संगत अलग-अलग समागम में शामिल हो सकें। मुख्य समागम गुरुद्वारा बंगला साहिब में हुआ जहां हज़ारों की गिनती में संगतों ने गुरु चरणों में नतमस्तक होकर गुरु साहिब का आर्शीवाद प्राप्त किया।

इस समागम को संबोधित करते हुए कमेटी के अध्यक्ष स. मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आज बहुत ही पवित्र दिवस है जिसे पूरी दुनिया में श्रद्धा व उत्साह से केवल सिख ही नहीं बल्कि अलग-अलग धर्मों के लोग मनाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के दर्शाए मार्ग पर चलते हुए ही दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंदों के लिए लंगर का प्रबंध किया और अब दिल्ली में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे किसानों के आंदोलन के लिए लंगर का प्रबंध किया है।

इस मौके पर स. सिरसा ने संगतां को यह भी बताया कि कमेटी ने आज एक गोल्डन एैप लाउंच की है जिसे अपने मोबाईल में डाउनलोड कर बजुर्ग लोग बाला प्रीतम दवाखानों से दवाई हासिल करने के लिए आनलाइन आर्डर दे सकते हैं और दवाईयां बजुर्ग लोगों के पास सीधे घर तक पहुंचाई जायेंगी। स. सिरसा ने इस मौके पर सरकार को अपील कर कहा कि हक मांगने आये अन्नदाता पर लाठी व वॉटर कैनन न इस्तेमाल किया जाये वहीं संगतों को भी अपील कर कहा कि किसान आंदोलन को खालिस्तान का कार्यक्रम बताने के कुछ चैनलों के शरारती मनसूबों के प्रति सुचेत रहें। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े आंदोलन में अक्सर कुछ शरारती तत्व ऐसा करने कोशिश करते हैं तांकि आंदोलन को कमज़ोर किया जा सके। किसानों ने भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई भी व्यक्ति एतराज़योग्य बयान देता है तो वह उसकी स्वंय की जिम्मेवारी होगी और किसान आंदोलन से उसका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों ने यह भी ऐलान किया है कि ऐसे व्यक्तियों को वह स्वंय पुलिस के हवाले करेंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया पर भी किसान आंदोलन को बदनाम करने वालों को ऐसा करने से गुरेज़ करने के लिए कहा और कमेटी ने ऐसे शरारती तत्वों की निंदा भी की। उन्होंने आगे कहा कि जिन किसानों के बेटे देश की सरहदों की रक्षा के लिए दिन रात डटे हैं ऐसे किसानों को खालिस्तानी कह कर बदनाम करना बहुत ही शर्मनाक है। समागम को संबोधित करते हुए कमेटी के महासचिव स. हरमीत सिंह कालका ने कहा कि संगतों को गुरुपर्व की बधाई देते हुए कहा क कोरोना के कारण इस बार कमेटी द्वारा अलग-अलग गुरुद्वारा साहिबान में कार्यक्रम रखे गये और इनकी सफलता के लिए संगत ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया है जिसके लिए वह संगत का धन्यवाद करते हैं।

उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने ही कर्मकांड में उलझे समाज को राह दिखाई, औरत को महान दर्जा दिया एवं हमें जीवन जांच सिखाई। उन्होंने कहा कि अगर हम उनकी शिक्षाओं में से कुछ भी अपना लें तो हमारा जीवन सफल हो जाएगा।

स. कालका ने इस मौके पर यह भी बताया कि जहां कमेटी ने दिल्ली में संघर्ष कर रहे किसानों के लिए लंगर का प्रबंध किया है वहीं मैडिकल टीमें व एंबुलेंस धरना स्थलों पर तैनात की गई हैं। दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के वर्ल्ड पंजाबी संगठन द्वारा गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के माके पर उनकी उदासियों व शिक्षाओं के बारे में एक मुकाबला भी करवाया गया जिसमें हर राउंड के लिए अलग-अलग विजेताओं को ईनाम दिये गये। समागम के दौरान स. सिरसा व स. कालका के इलावा दिल्ली कमेटी सदस्य परमजीत सिंह चंडोक, अमरजीत सिंह पिंकी, जतिंद्रपाल सिंह गोल्डी, भुपिंदर सिंह भुल्लर भी मौजूद रहे।