कमाने वाले की कोविड से हुई मौत? परिवार को दिल्ली सरकार देगी आर्थिक मदद

(hdnlive) कोविड महामारी के दौरान घर में कमाने वाले व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिवार में उसपर निर्भर पत्नी, पति, बच्चे या माता-पिता को सरकार आर्थिक मदद मुहैया कराएगी। कुछ समय पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से की गई इस घोषणा की मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना के नाम से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसमें अलग-अलग श्रेणी में 2500 रूपये की मदद देने की घोषणा की गई है।

इसका फायदा सिर्फ उन लोगों को मिलेगा जिनकी कोविड से मौत हुई हो और वह दिल्ली के निवासी हो। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक यह छह श्रेणी में दिया जाएगा। अगर पति मरता है तो पत्नी को। पत्नी मरती है तो पति को। पत्नी और पति दोनों की मौत हुई हो या कम से कम एक की कोविड से हुई तो बच्चों व माता पिता दोनों को दिया जाएगा। यही नहीं अगर बेटा-बेटी जिनकी शादी नहीं हुई है। उनकी मौत होती है तो उनके माता-पिता के अलावा उनपर निर्भर भाई को भी आर्थिक मदद मिलेगी। बशर्ते भाई या बहन मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग हो।

यह पूरी योजना समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाई जाएगी। इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद के अलावा पीड़ित समाज कल्याण विभाग की किसी अन्य लाभकारी योजना की योग्यता को पूरी करता है तो उसे भी प्राप्त कर सकता है जैसे विधवा पेंशन, बुजुर्ग पेंशन व अन्य।

किस स्थिति में किसकी मौत पर कितना मिलेगा

पहला

पति की कोविड से मौत हुई है तो पत्नी को 2500 रूपये आजीवन मिलते रहेंगे। साथ में विधवा पेंशन भी मिलेगी।

दूसरा

पत्नी की कोविड से मौत हो, वह कमाती थी तो पति को आजीवन 2500 रूपये मिलेंगें। दूसरी कोई योजना उसपर लागू नहीं होगी।

तीसरा

एकल अभिभावक की अगर मौत हो जाएं (यानि ऐसा जिसमें एक की मौत पहले ही किसी भी कारण हुई हो) तो 25 साल से कम उम्र वाले प्रत्येक बच्चे को 2500-2500 रूपये पच्चीस साल की उम्र तक मिलते रहेंगे।

चौथा

पति-पत्नी दोनों की मौत हो गई हो। कम से कम एक की कोविड से मौत हुई हो तो बच्चों को 2500-2500 रूपये 25 साल तक की उम्र तक। माता-पिता हैं तो किसी एक को 2500 रूपये आजीवन मिलते रहेंगे।

पांचवा

अनमैरिड बेटा या बेटी के मरने पर माता या पिता में किसी एक को 2500 रूपये आजीवन मिलते रहेंगे। साथ में माता व पिता बुजुर्ग पेंशन का लाभ भी उठा सकते है।

छठवां

भाई या बहन की मौत हो जाती है उसके दूसरे भाई पहन दिव्यांग है तो उन्हें 2500 रूपये आजीवन दिए जाएंगे। अगर भाई बहन की शादी हो चुकी है, उसमें पति या पत्नी में कोई कमाता है तो उसे यह लाभ नहीं मिलेगा।