FATF ने पाकिस्‍तान को चार महीने की अंतरिम राहत दी

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए पाकिस्‍तान को चार महीने की अंतरिम राहत दे दी है। एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट में चल रहे पाकिस्‍तान के ब्‍लैक लिस्‍ट होने पर फैसला जून में होना था। इसी बैठक में यह तय होगा कि क्‍या पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट से हटाया जाए या उसे ब्‍लैक लिस्‍ट किया जाए।

एफएटीएफ ने एक बयान जारी करके कहा कि निगरानी सूची में शामिल पाकिस्‍तान को वह चार महीने की अतिरिक्‍त राहत दे रहा है। इस दौरान पाकिस्‍तान को आतंकियों के वित्‍त पोषण को बंद करना होगा। एफएटीएफ ने चेतावनी दी कि वह आतंकी संगठनों के वित्‍त पोषण या उनकी गतिविधियों को रोकने के प्रयास में कोई छूट नहीं दे रहा है।

वित्‍त पोषण पर जारी रहेगी निगरानी: एफएटीएफ

वैश्विक संस्‍था ने कहा कि वह कोरोना वायरस संकट के आतंकियों के वित्‍त पोषण पर पड़ने वाले असर की सक्रिय रूप से निगरानी करेगी। इससे पहले कोरोना महासंकट के बीच पाकिस्‍तान ने खुद को FATF की ग्रे सूची से हटाए जाने के लिए बड़ा दांव चला था। पाकिस्‍तान ने पिछले 18 महीने में निगरानी सूची से हजारों आतंकवादियों के नाम को हटा दिया है। पाकिस्‍तान ने यह हरकत ऐसे समय पर की थी जब जून महीने में FATF की बैठक होने वाली थी। हालांकि यह बैठक अब टल गई है।

अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान की नैशनल काउंटर टेररिज्‍म अथार्टी इस लिस्‍ट को देखती है। इसका उद्देश्‍य ऐसे लोगों के साथ वित्‍तीय संस्‍थानों के बिजनस न करने में मदद करना है। इस लिस्‍ट में वर्ष 2018 में कुल 7600 नाम थे लेकिन पिछले 18 महीने में इसकी संख्‍या को घटाकर अब 3800 कर दिया गया है। यही नहीं इस साल मार्च महीने की शुरुआत से लेकर अब तक 1800 नामों को लिस्‍ट से हटाया गया है। एफएटीएफ ने पाकिस्‍तान को 27 बिंदुओं पर ऐक्‍शन लेने के लिए जून तक का वक्‍त दिया है। अगर पाकिस्‍तान 27 बिंदुओं को पूरा करने में असफल रहता है तो एफएटीएफ उसे काली सूची में डाल सकता है।