Research : Delhi में Brain cancer की दर देश में सबसे अधिक, हर 1 लाख की आबादी पर 5 लोगों को Brain cancer

(hdnlive) देशभर में प्रति एक लाख की आबादी पर सबसे अधिक ब्रेन कैंसर के मामले राजधानी दिल्ली में हैं। यहां प्रति लाख आबादी पर 4.8 लोग ब्रेन कैंसर से पीड़ित हैं जो देश में किसी भी राज्य में सबसे अधिक है। राजधानी में लगभग हर तीसरे व्यक्ति को सिर दर्द की शिकायत हुई है। यहां प्रति 1 लाख की आबादी पर 818 लोग मिर्गी से पीड़ित हैं। लांसेंट ग्लोब हेल्थ में प्रकाशित एक रिसर्च में यह जानकारी दी गई है।

रिसर्च के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में 2019 में प्रति 1 लाख की आबादी पर 4.8 लोग ब्रेन कैंसर से पीड़ित थे, जबकि देश में प्रति 10 लाख की आबादी पर 3.5 फीसदी लोग ब्रेन कैंसर से पीड़ित थे। रिसर्च में न्यूरो की बीमारियों की वजह से अपाहिज होने पर लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर भी अध्ययन किया गया है। इसमें ब्रेन कैंसर की वजह से दिल्ली के लोगों के जीवन की गुणवत्ता सबसे खराब पाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेन एंड सीएनएस कैंसर के देशभर में 49300 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 23700 मौतें हुई हैं। यानी करीब आधे मरीजों की मौत हो गई।

सिर दर्द भी विकराल समस्या

रिपोर्ट के अनुसार, देश में सिरदर्द की समस्या से प्रभावित लोगों की संख्या 48.8 करोड़ होने का अनुमान है। इसमें दो किस्म के सिर दर्द शामिल हैं। एक, माइग्रेन एवं दूसरा टेंशन टाइप डिसऑर्डर शामिल हैं। हालांकि, इसके चलते क्षति अपेक्षाकृत कम है तथा मौतें नहीं के बराबर हैं, लेकिन इससे प्रभावित लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है। दिल्ली में प्रति एक लाख की आबादी पर 35851 लोगों के सिर दर्द से पीड़ित होने का अनुमान है, जबकि देश में प्रति लाख की आबादी पर यह संख्या 35060 है।

प्रति 123 लोगों पर मिर्गी का एक मरीज

दिल्ली में न्यूरो की एक बीमारी मिर्गी भी बड़ी समस्या है। हालांकि देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले इसकी दर कम है। दिल्ली में प्रति एक लाख आबादी पर मिर्गी के 818 मरीज होने का अनुमान है। इस हिसाब से देखें तो दिल्ली में प्रति 122 लोगों में एक व्यक्ति के मिर्गी से पीड़ित होने का अनुमान है। बिहार में सबसे कम प्रति एक लाख की आबादी पर मिर्गी के 617 मामले होने का अनुमान है।

”जीवनशैली में बदलाव और खान पान की आदतें न्यूरो की कई बीमारियों की बड़ी वजह हैं। धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहें। पर्याप्त नींद लें और ब्लड शुगर की नियमित जांच कराते रहें।” – प्रोफेसर मंजरी त्रिपाठी, न्यूरोलॉजी विभाग, एम्स