महिला IPS DCP ने 7 घंटे में ही सैकड़ों अपराधियों को गिरफ्तार किया

दिल्ली, 10/07/2021(Hdnlive): देश की राजधानी में आधी रात को सड़कों पर उतरी उत्तर-पश्चिमी दिल्ली जिले की महिला आईपीएस डीसीपी (IPS DCP )ऊषा रंगनानी महज 7 घंटे में ही सैकड़ों अपराधियों को गिरफ्तार कर लाईं. वे शाम 6 बजे से रात करीब 1 बजे तक (8 और 9 जुलाई 2021 की रात) अपने जिले की सड़कों पर उतरी थीं. उनके साथ जिले में तैनात सिपाही-हवलदार से लेकर थानेदार, एसएचओ, इंस्पेक्टर एटीओ, एसीपी, जिले के दोनों एडिश्नल डीसीपी भी मौजूद थे. इसके अलावा थानों में मौजूद अधिकांश स्टाफ भी जिला डीसीपी के निर्देश पर आधी रात तक इलाके की गली-गली छानता रहा था.

जिले के थानों-पुलिस चौकियों में सिर्फ और सिर्फ वायरलेस-टेलीफोन ऑपरेटर, चिट्ठा मुंशी, मालखाना इंचार्ज, संतरी और ड्यूटी अफसर को ही रुकने की इजाजत दी गई थी. डीसीपी सड़क पर खुद क्यों उतरी हैं और उनकी अपने मातहतों से क्या उम्मीद है? इसका संदेश सड़कों पर लाव-लश्कर के साथ उतरने से पहले ही डीसीपी ने बजरिए उचित माध्यम मातहतों को दिलवा दिया था.

इस अभियान की खासियत यह भी रही कि इन सात घंटों में पुलिस ने दिल्ली और आसपास के इलाके से चोरी, गायब हुए 6 लैपटॉप बरामद करके चोरी के 13 मामले भी सुलझा लिए. 1 हजार से ज्यादा संदिग्धों, अपराधियों को हिरासत में लिया या गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार संदिग्धों/आपराधिक किस्म के लोगों में यूं तो सभी इलाकों से संबंधित थे, मगर बहुतायत जहांगीरपुरी इलाके से गिरफ्तार लोगों की थी.

गिरफ्तार लोगों में से 63 के खिलाफ झगड़े इत्यादि की धाराओं में, 12 के खिलाफ गैंबलिंग एक्ट में, 22 के खिलाफ सार्वजिनक स्थल पर खुले में शराब पीने के आरोप में कार्रवाई की गई. साथ ही इस अभियान में 97 ऐसे वाहनों को भी सीज किया गया जो, सड़कों-गलियों में खड़े थे. मगर उनका कोई वारिस पुलिस वालों को मौके पर नहीं मिला.

धारा-65

दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा-65 के तहत 825 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की गई. जबकि थानों में घोषित अपराधी के रूप में नामजद 14 कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान 3 मामले एक्साइज एक्ट के भी दर्ज किए गए. 42 लोगों को दिल्ली पुलिस अधिनियम-92/93/97 के तहत पकड़ा गया. तीन लोगों के खिलाफ जहां आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई वहीं, 84 लोगों का चालान कोविड कानूनों की उनके द्वारा उड़ाई जा रही धज्जियों के चलते काटा गया.

झपटमारों का पीछा करने के लिए हर थाना क्षेत्र की गली-गली में मोटर साइकिल पुलिस को सतर्क रहने के लिए कहा गया था. इसके बाद इन पुलिस टीमों ने आउटर रिंग रोड, जीटी करनाल रोड सहित उन सभी घनी आबादी वाले इलाकों में घुसना शुरू कर दिया, जहां अक्सर पुलिस नहीं पहुंचती है. लिहाजा इन्हीं संकरे इलाकों में या फिर रिंग रोड पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे दिया जाता है.

7 घंटे का इस सघन अभियान

पुलिस पार्टियां पब्लिक प्लेस, पार्कों, शराब की दुकानों, ठेकों, मॉल्स, घनी आबादी में मौजूद बाजारों में भी जा पहुंची. यह सभी पुलिस पार्टियां रफ्तार मोटर साइकिल, टाटा टैम्पो ट्रक, क्यूआरटी वाहन, जगुआर वाहनों पर भी तैनात करके इलाके में छोड़ी-भेजी गई थीं. कुल जमा करीब 1130 पुलिस अफसर और कर्मचारी इस पुलिसिया लश्कर में शामिल थे. जबकि 65 गश्ती मोटर साइकिलें, 45 पुलिस पिकेट्स का स्टाफ और सीसीटीवी कंट्रोल रूम को भी इस अभियान में शामिल किया गया था.

7 घंटे के इस सघन अभियान में करीब एक हजार लोगों को पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया या फिर हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की. डीसीपी के साथ ही जिले के एडिश्नल डीसीपी-1 डॉ. गुरिकबाल सिंह सिद्धू, एसीपी क्राइम अगेंस्ट वूमेन सेल, एसीपी ऑपरेशन सेल, सभी थानों के एसएचओ एडिश्नल एसएचओ भी सड़कों पर उतरे हुए थे.

तय यह किया गया था कि, जब तक इतना पुलिस फोर्स सड़कों पर इलाके की गलियों में घूमेगा, तब तक कहीं कोई आपराधिक घटना नहीं घटनी चाहिए. अगर कोई घटना घट भी जाए तो फिर किसी भी कीमत पर अपराधी बचकर नहीं भाग पाए. साथ यह तय हुआ कि डीसीपी व जिला पुलिस का अन्य तमाम लाव-लश्कर, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ उन सभी गलियों में जाएगा जहां, अक्सर पुलिस नहीं पहुंच पाती है. घरों में और गलियों में घूम रहे लोगों को पुलिस टीमें टोकेंगीं. घरों में पुलिस की भीड़ घुस घुसकर संदिग्धों को तलाशेंगीं. साथ ही दुपहिया वाहनों पर विशेष नजर रखी जाएगी. क्योंकि मोटर साइकिल और स्कूटी पर सवार होकर ही बदमाश अधिकांशत: झपटमारी की वारदातों को अंजाम देते हैं.