दिल्ली सरकार से बकाया फंड के लिए दिल्ली MCD के तीनों मेयरों ने दिया मुख्यमंत्री आवास पर धरना

नई दिल्ली (hdnlive)। उत्तरी दिल्ली के महापौर जयप्रकाश, दक्षिणी दिल्ली की महापौर अनामिका मिथिलेश और पूर्वी दिल्ली के महापौर निर्मल जैन तीनों निगम का बकाया 13000 करोड़ रूपय जारी करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे।

उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश ने बताया कि आज दिल्ली के तीनों महापौर ने निगमों के बकाया 13000 करोड़ रूपय की मांग को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने का समय मांगा था मगर वो महापौर से नहीं मिले। जिस के बाद हमें मजबूर मुख्यमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठना पडा। उन्होंने कहा कि इसे पहले भी दिल्ली के तीनों महापौरो ने मुख्यमंत्री से मिलने की काफी कोशिश की मगर वे नहीं मिलें।

मेयर जय प्रकाश ने कहा कि दिल्ली सरकार आगामी निगम चुनाव को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की तीनों निगमों के साथ राजनीति कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा फंड जारी नहीं करने के कारण दिल्ली के सारे विकास कार्य रुक गए हैं व कर्मचारियों को वेतन देने में काफी समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि ये हमारे संवैधानिक अधिकार है और उसे हम लेकर रहेंगे।

मेयर जय प्रकाश ने कहा कि दिल्ली सरकार ने अभी तक उत्तरी दिल्ली नगर निगम का बीटीए का इस वर्ष का 425.06 करोड़ रू नही दिया है। उन्होंने दिल्ली सरकार से निगमों को बकाया 13000 करोड़ रू जिसमें से उत्तरी दिल्ली नगर निगम का 6500 करोड़ रू देने की मांग की ताकि उत्तरी दिल्ली नगर निगम अपने 55000 कर्मचारियों व 24000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वेतन व पेंशन दे सके। मेयर जयप्रकाश ने कहा कि निगम के कार्मचारी इस कोरोना महामारी में दिन-रात कार्य कर रहे हैं यदी दिल्ली सरकार निगम का बकाया फंड दे दे तो कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में आसानी होगी व विकास के कार्यों को और बेहतर रूप से किया जा सकेगा।

प्रदर्शन से पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने नगर निगमों को पंगु बनाने की केजरीवाल सरकार की साजिश नाकाम करने के लिए वरिष्ठ नेताओं से विचार विमर्श किया। उन्होंने दिल्ली भाजपा महामंत्री हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में निगम नेताओं को मुख्यमंत्री से मिलने और उनसे मिलकर निगम का बकाया 13000 करोड़ रुपए की मांग करने का निर्देश दिया। भाजपा प्रतिनिधि मंडल को उस समय आश्चर्य हुआ जब मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया। मुख्यमंत्री केजरीवाल घर के बाहर अपनी गाड़ी मे एक घंटा बैठे रहे मगर दिल्ली की दो करोड़ की जनता के प्रतिनिधियों से नहीं मिले। दिल्ली सरकार की नकारात्मक नीतियों के खिलाफ महापौर सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए निगमों के बकाए 13000 करोड़ रुपए की मांग करते रहे।

आज प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री का घेराव कर लिया जिसमें उत्तरी नगर निगम महापौर जयप्रकाश, दक्षिणी नगर निगम महापौर अनामिका मिथिलेश सिंह, पूर्वी दिल्ली नगर निगम महापौर निर्मल जैन, स्थाई समिति अध्यक्ष छैल बिहारी गोस्वामी, उपाध्यक्ष विजेंद्र यादव, नेता सदन योगेश वर्मा, उपमहापौर हरि प्रकाश बहादुर, स्थाई समिति अध्यक्ष सतपाल सिंह, नेता सदन प्रवेश शर्मा, उपाध्यक्ष सुभाष भड़ाना, स्थाई समिति अध्यक्ष राजदत्त गहलोट, नेता सदन नरेंद्र चावला, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर, प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं एवं सभी जोन के अध्यक्षों और कई निगम पार्षदों ने भाग लिया।

आदेश गुप्ता ने कहा कि यह बहुत ही दुखद है कि जनहित में कार्य करने वाले तीनों निगमों के महापौर जब भी निगमों के बकाए फंड को जारी करने को लेकर पूरी औपचारिकता के साथ मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने का समय मांगते हैं तो वह पीठ दिखा कर निकल जाते हैं। आज भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ऐसा ही किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जब निगमों के महापौर मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने के लिए उनके आवास गए थे, तब मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने मंत्री को भेजकर 10 दिनों में बकाए फंड को जारी करने का आश्वासन दिया था लेकिन महीनों हो गए और अभी तक केजरीवाल सरकार ने निगम का बकाया फंड जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि फंड के अभाव में निगम अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है, अगर इस कोरोना संकट के बीच निगम के सफाई सैनिक भी हड़ताल पर चले गए तो साफ-सफाई न होने के कारण, कूड़ा-कचरा न उठने के कारण कोरोना महामारी के मामले में वृद्धि होने का भी खतरा रहेगा।

आदेश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को सिर्फ और सिर्फ अपने प्रचार की पड़ी है और निगमों का पैसा भी प्रचार में ही लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीनों नगर निगम कई महीनों से केजरीवाल सरकार से अनुरोध कर रही है कि वह निगम का बकाया फंड जारी करें ताकी दिल्ली के विकास के लिए रुके हुए कार्यों को शुरू किया जा सके। केजरीवाल का वास्तव में दिल्लीवासियों के हितों से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि वह और उनके बड़बोले मंत्री और नेता सिर्फ ओछी राजनीति और बयानबाजी ही करते दिखते हैं। इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी नेता शराब पीकर भाजपा के महिला पार्षदों के साथ गाली गलौज भी करते हैं।

आदेश गुप्ता ने कहा कि जब दिल्ली के मुख्यमंत्री होकर भी अरविंद केजरीवाल दिल्ली को छोड़कर बाकी राज्यों में अपनी राजनीति चमकाने में व्यस्त रहते हैं तो उन्हें सरकारी बंगले में भी रहने का कोई अधिकार नहीं है।केजरीवाल सरकार निगम पर बेबुनियाद और आधारहीन भ्रष्टाचार का आरोप लगाती है जबकि केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन पर भ्रष्टाचार के अनेक मामले दर्ज है जिनकी सीबीआई जांच चल रही है, विधायक अम्मानतुल्ला खान पर भ्रष्टाचार सहित दर्जनों संगीन मामले दर्ज होने और भ्रष्टाचार पर उनके खि़लाफ़ कोर्ट की टिप्पणी होने के बाद भी ये मंत्री बने हुए हैं। भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त विधायकों को मुख्यमंत्री केजरीवाल आम आदमी पार्टी मे महत्वपूर्ण पदों पर बैठा देते है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तत्काल प्रभाव से निगमों का बकाया 13000 करोड़ रुपए जारी करें अन्यथा प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में जब तक निगम का बकाया पैसा नहीं मिलेगा तक निगम के नेता मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर के बाहर ही बैठे रहेंगे।